नई दिल्ली। द्वारका जिले की स्पेशल स्टाफ ने एक निजी अस्पताल के मालिक से पचास लाख की रंगदारी मांगने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से एक पिस्टल, दस कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की है। बदमाशों ने खुलासा किया है कि उन्हें अपने चाचा के हत्यारे की हत्या करना था। इसलिए हथियार खरीदने के लिए अस्पताल के मालिक से रंगदारी मांगी थी।
जिला पुलिस उपायुक्त संतोष कुमार मीणा ने बताया कि बदमाशों की पहचान गांव ढिचाऊंकलां नजफगढ़ निवासी अंकित शौकीन (23) और गांव मकडोली रोहतक, हरियाणा निवासी अमन बैजद (21) के रूप में हुई है। 26 जून को एक युवक बाबा हरिदास नगर स्थित निजी अस्पताल पहुंचा। उसने रिसेप्शन पर एक मिठाई का डिब्बा दिया और उसे अस्पताल के मालिक को देने के लिए कहा। बाहर निकलने के बाद युवक गोली चलाकर अपने साथी के साथ फरार हो गया। कर्मचारियों ने जब मिठाई का डिब्बा खोला तो उसमें एक पिस्टल और धमकी भरे पत्र मिले जिसमें लिखा था पचास लाख रुपये या फिर गोली।
बाबा हरिदास नगर में 17 जून को एक युवक पर गोली चलाई गई थी। गोलीबारी के दो मामले होने के बाद निरीक्षक नवीन के नेतृत्व में पुलिस टीम बदमाशों की पहचान करने में जुट गई। पुलिस दोनों घटनाओं का सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर खंगालने के बाद दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने दोनों ही मामलों में शामिल होने की बात कबूल कर ली।
पूछताछ में अंकित शौकीन ने बताया कि वह जनवरी 2021 में जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। वह चार साल से जेल में बंद था। इसी बीच उसके चाचा की हत्या कर दी गई। हत्या का शक उसके दोस्त नवीन पर था। वह चाचा के हत्यारे से बदला लेना चाहता था। इसलिए उसने हरियाणा पुलिस की गाड़ी का ग्रिल काटकर भागने की भी कोशिश की थी। 17 जून को उसने बाबा हरिदास नगर में नवीन पर गोली चलाई थी लेकिन वह बच गया। बाद में वह नवीन की हत्या करने के लिए अत्याधुनिक हथियार खरीदना चाहता था। इसलिए उसने इसके लिए अस्पताल के मालिक से पचास लाख की रंगदारी मांगी थी। अमन उसका ममेरा भाई है और वह गैंगस्टरों की जीवनशैली देखकर अपराध में शामिल हुआ। उस पर पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है।