आर्थिक अपराध शाखा ने लुभावनी योजना में पैसे का निवेश करवाकर लोगों से एक करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाली कंपनी के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी और उसके साथियों ने 59 लोगों से 1.5 करोड़ की ठगी की है। पुलिस कंपनी के मालिक और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
शाखा की संयुक्त आयुक्त छाया शर्मा के बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान नंदनगरी निवासी अरुण कुमार शुक्ला(36) के रूप में हुई है। वर्ष 2021 में विमला वर्मा सहित अन्य शिकायतकर्ताओं ने शाखा में ठगी की शिकायत की। जिसमें बताया कि अंबेश तिवारी घोंडा में यूने एंटरप्राइजेज नाम की कंपनी चलाता था। उसने लोगों से अपनी कंपनी की योजनाओं में पैसे का निवेश करवाया।
उसकी एक योजना थी जिसमें एक बार दस हजार रुपये का निवेश करने पर 15 महीने बाद निवेशकों को 20 हजार रुपये मिलेंगे। जबकि दूसरी योजना में प्रति माह एक हजार रुपये 12 महीना जमा करने पर निवेशकों को पंद्रह हजार रुपये मिलेंगे। विमला वर्मा सहित अन्य शिकायतकर्ताओं ने दोनों योजनाओं में करीब 1.5 करोड़ रुपये का निवेश किया। अंबेश तिवारी उसके परिवार के सदस्य और दो सहयोगी अरुण कुमार शुक्ला और ललित निवेशकों से पैसा लेते था। योजना पूरा होने के बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं का पैसा वापस नहीं किया और सभी गायब हो गए।
शिकायत मिलने के बाद शाखा ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि शिकायत दर्ज होने के बाद से सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस ने कथित कंपनी के बैंक खातों की जांच की गई और उनका विश्लेषण किया गया। जिससे पता चला कि कंपनी ने निवेशकों से बड़े पैमाने पर पैसे लिए हैं। कंपनी ने शुरू में निवेशकों को लुभाने के लिए शुरुआती निवेशकों को अच्छा रिटर्न भी दिया। लोगों को लुभाने के लिए प्रमुख इलाकों में अपने कार्यालय खोले। उसके बाद पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की और सोमवार को फरार आरोपी अरुण को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस मुख्य आरोपी अंबेश तिवारी सहित अन्य आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार अरुण शुक्ला अमेठी यूपी का रहने वाला है। 12वीं पास करने के बाद वह एक कंपनी में सेल्स एग्जीक्यूटिव के पद पर काम करता था। उसके बाद वह अंबेश के साथ जुड़ा। वह निवेशकों को कंपनी के लुभावनी योजनाओं के बारे में बताता था। फिलहाल वह यूपी के जेवर में प्रॉपर्टी डीलर के सहायक के रूप में काम कर रहा था।