रविवार को दिल्ली में ट्रांसजेंडर समुदाय और उनके समर्थकों ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन बिल के खिलाफ था। प्रदर्शनकारियों ने बिल के कई प्रावधानों पर अपनी गंभीर आपत्ति जताई।
रविवार को दिल्ली में ट्रांसजेंडर समुदाय और उनके समर्थकों ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन बिल के खिलाफ था। प्रदर्शनकारियों ने बिल के कई प्रावधानों पर अपनी गंभीर आपत्ति जताई।
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समुदाय का कहना है कि यह बिल उनके अधिकारों की रक्षा करने के बजाय उन्हें कमजोर करता है। बिल में आत्म-पहचान के अधिकार को लेकर स्पष्टता का अभाव है। पहले इसमें जिला मजिस्ट्रेट और चिकित्सा जांच की आवश्यकता थी। हालांकि बाद में कुछ बदलाव किए गए, लेकिन समुदाय अभी भी संतुष्ट नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने बिल को वापस लेने या उसमें महत्वपूर्ण संशोधन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह बिल उनके जीवन और गरिमा पर सीधा हमला है। देश भर से कई ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता और मानवाधिकार संगठन इस विरोध में शामिल हुए। उन्होंने सरकार से समुदाय की चिंताओं को सुनने का आग्रह किया।
बिल के विवादित प्रावधान
इस बिल के कई प्रावधानों पर व्यापक विरोध दर्ज किया गया है। समुदाय का मानना है कि यह बिल ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए आरक्षण का प्रावधान नहीं करता है। यौन उत्पीड़न के मामलों में भी सजा के प्रावधानों को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। बिल में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के खिलाफ यौन हिंसा के लिए कम सजा का प्रस्ताव है। यह सिसजेंडर महिलाओं के खिलाफ अपराधों की तुलना में भेदभावपूर्ण माना जाता है।
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समुदाय की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में आत्म-पहचान के अधिकार को पूर्ण मान्यता देना शामिल है। वे चाहते हैं कि बिल में शिक्षा और रोजगार में आरक्षण का प्रावधान हो। इसके अलावा, यौन उत्पीड़न के लिए समान दंड संहिता लागू करने की मांग की गई है। समुदाय ने भीख मांगने को अपराध मानने वाले प्रावधानों को हटाने की भी अपील की है। वे एक ऐसे कानून की मांग कर रहे हैं जो उनके मानवाधिकारों को पूरी तरह से सुनिश्चित करे।