जेल प्रशासन का कहना है कि सोमवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उसे दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां से प्राथमिक इलाज के बाद उसे छुट्टी दे गयी थी। उसके बाद भी वह जेल के अस्पताल में भर्ती था।
मंगलवार सुबह वह अपने विस्तर पर अचेत मिला था। उसे तुरंत दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं मृत रवि के पिता इंद्रजीत ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब वह जेल गया था तो वह पूरी तरह से ठीक था। लेकिन अब उसके शरीर में कई जगहों पर चाकू के जख्म हैं। रवि की मौत की न्यायिक जांच की जा रही है।
क्या था मामला
महेंद्र अपने भाई सूरज, राकेश और भांज के साथ वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र की झुग्गियों में रहता था। उनके भाई सूरज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 11 फरवरी की रात करीब सवा आठ बजे इलाके के रवि, नीरज, राहुल, सूरज रेलवे लाइन के पास उसके भाई राकेश की पिटाई कर रहे थे। ऐसे में उन्हें बचाने के लिए जब वह अपने भाई बड़े भाई महेंद्र,भांजे सुदामा के साथ गए तो आरोपियों ने उन लोगों पर चाकू डंडे आदि से हमला कर दिया। हमलावरों ने महेंद्र के पेट में चाकू घोंप दिया। जिससे आंत बाहर आ गई थी। घायल को पहले दीपचंद बंधु फिर एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार को उनकी मौत हो गई। हमले में सुदामा भी चाकू लगने से घायल हो गया था। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से रवि ने अपनी शिकायत में महेंद्र व उनके भाईयों पर चाकू, डंडे से हमला कर उसे और उसके दोस्तों को घायल करने का आरोप लगाया था।