राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में बाघों का कुनबा बढ़ा, विशेष देखभाल और पोषण दिया जा रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में बाघों का कुनबा बढ़ गया है। सोमवार सुबह बाघों के परिवार में छह नए शावकों का जन्म हुआ। इससे वन्यजीव प्रेमियों और चिड़ियाघर प्रशासन के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है। चिड़ियाघर प्रशासन इसे बाघ संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रम की दिशा में बड़ी उपलब्धि मान रहा है।
लगभग ढाई से तीन साल बाद बाघिन अदिति ने छह स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। सभी शावक फिलहाल मां की निगरानी में अलग सुरक्षित बाड़े में रखे गए हैं जहां उन्हें विशेष देखभाल और पोषण दिया जा रहा है। पशु चिकित्सकों की एक विशेष टीम 24 घंटे उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
इससे पहले बाघिन महागौरी ने भी चार शावकों को जन्म दिया था लेकिन उचित देखभाल के अभाव में उसके तीन शावक जीवित नहीं रह पाए थे। इस बार प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए विशेष प्रबंध किए हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना बाघों की घटती आबादी के बीच एक सुखद संकेत है। चिड़ियाघर बीते वर्षों से बाघ संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रम पर गंभीरता से काम कर रहा है और यह सफलता उन्हीं सतत प्रयासों का परिणाम है। अधिकारियों के मुताबिक, यदि सब कुछ सामान्य रहा तो आने वाले कुछ महीनों में इन शावकों को आम जनता के दर्शन के लिए प्रदर्शित किया जा सकता है।
सोमवार सुबह 9 से 11 बजे के बीच सफेद बालों वाले बाघ विजय जूनियर की 7-8 साल की सामान्य रंग की बाघिन अदिति ने 6 शावकों को जन्म दिया। अदिति के यह पहले शावक हैं। उसे 2021 में नागपुर के गोरेवाड़ा रेस्क्यू सेंटर से लाया गया था। अभी बाघिन शावकों की देखभाल कर रही है। सीसीटीवी के जरिये 24 घंटे लगातार निगरानी की जा रही है और बाड़े में शिफ्टों में समर्पित कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
-संजीत कुमार, निदेशक, राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली चिड़ियाघर)