स्विच दिल्ली अभियान के दूसरे सप्ताह में इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की खरीदारी के लिए दिल्लीवासियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। तिपहिया वाहनों की वजह से होने वाली प्रदूषण में कटौती के लिहाज से इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन की दिशा कदम उठाया गया। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा स्विच दिल्ली अभियान के अगले चरण की शुरुआत करते हुए कहा कि दिल्ली में दो और तिपहिया वाहनों की वजह से दो तिहाई प्रदूषण होता है।
इस तरह के वाहन रोजाना 12-16 घंटे सड़कों चलते हैं। ई-वी नीति के तहत सड़कों पर अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन उतर सकेंगे, जिसका दिल्ली की वायु गुणवत्ता में काफी सुधार की उम्मीद है। सीएनजी ऑटो के बराबर है रफ्तारपरिवहन मंत्री ने कहा कि ई-ऑटो की रफ्तार सीएनजी ऑटो के बराबर है। करीब 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लंबी दूरी की यात्रा कर सकते हैं।
दिल्ली में ई-ऑटो से यात्रा का सुलभ बनाने के लिए सरकार की ओर से जल्द ही आसान पंजीकरण की सुविधा नई योजना लागू की जाएगी। ई-रिक्शा को बढ़ावा देने के लिए सरकार पहले ही 30 हजार रुपये बतौर सब्सिडी दे रही है।
स्क्रैप और डी रजिस्ट्रेशन पर 7500 रुपये तक की छूट
दिल्ली में पंजीकृत पुराने सीएनजी ऑटो रिक्शा को स्क्रैप करने और डी-रजिस्टर करने के लिए 7500 रुपये तक की छूट उपलब्ध होगी। सभी इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों के लिए रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क भी माफ किया जाएगा। सब्सिडी से ई ऑटो की कीमत में 26 प्रतिशत जबकि ई-रिक्शा की कीमत 33 प्रतिशत तक कम होतर है। ईवी नीति के तहत 177 तिपहिया मॉडल खरीदने के लिए उपलब्ध हैं। हाल ही में 100 साइटों पर 500 चार्जिंग पॉइन्ट लगाने के लिए टेंडर जारी हो चुका है।