नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में शुक्रवार देर रात मुर्गा कारोबारी लोनी निवासी चांद (34) से हुई लूट की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने उसके मौसेरे भाई साकिब अली (24) और उसके साथियों सदरे आलम उर्फ तनवीर उर्फ मोनू (23) व शाहनवाज अंसारी (38) को दबोचा है। इनसे लूट की रकम में से डेढ़ लाख रुपये, साथ लूटी गई जैकेट व वारदात में इस्तेमाल बाइक, पिस्टल व कारतूस बरामद हुए हैं। साकिब का कहना है कि उधार दिए तीन लाख रुपये नहीं देने पर उसने वारदात की।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त वेद प्रकाश सूर्या ने बताया कि शिकायत में चांद ने बताया था कि उसके पुराना उस्मानपुर स्थित मुर्गी फार्म पर रात करीब 12:05 बजे बाइक से दो बदमाश पहुंचे। उसे नाम से बुलाने के बाद उन्होंने जैकेट लूट ली। इसी जैकेट में ढाई लाख रुपये थे। पुलिस ने चांद और उसके कर्मचारियों से पूछताछ की। चांद ने बताया कि वारदात वाले दिन जब वह माल का पैसा एकत्र कर रहा था तो उसका मौसेरा भाई साकिब भी साथ था। साकिब का भी इलाके में मुर्गी फार्म है। वारदात के समय वह बाइक में पेट्रोल डलवाने की बात कहकर निकला था और बदमाशों के जाने के बाद लौटा।
पुलिस को साकिब पर शक हुआ। पूछताछ की गई तो वह टूट गया। साकिब ने बताया कि चांद उसके तीन लाख रुपये नहीं लौटा रहा था। इसी वजह से उसने लूटपाट की साजिश रची। उसने अपने दोस्त सदरे आलम व शाहनवाज अंसारी को बुलाया और उनसे कहा कि रुपये चांद की जैकेट की जेब में हैं। बाद में आरोपियों ने चांद से उसकी जैकेट ही लूट ली। सोमवार को पहले साकिब और फिर सदरे आलम व शाहनवाज को गिरफ्तार किया गया।