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फर्जी कॉलसेंटर से ठगी में इंजीनियर समेत 3 धरे

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नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्व जिले की साइबर सेल ने मयूर विहार और पांडव नगर में फर्जी कॉल सेंटर पर दबिश देकर ऑनलाइन जॉब दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी स्नातक हैं, जबकि दो आरोपी इंजीनियर हैं। आरोपी कॉल सेंटर चलाकर सैकड़ों लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। फिलहाल पुलिस इनसे पूछताछ में जुटी है। आरोपियों से तीन लैपटॉप, एक टेबलेट, नौ हार्डडिस्क, सात स्मार्ट फोन, 13 अन्य फोन, 15 डेबिट कार्ड, चार पासबुक, तीन चैक बुक और मुख्य आरोपी गौरव शर्मा का क्राइम रिपोर्टर का प्रेस आई कार्ड बरामद हुआ है।
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दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी आरपी मीणा ने बताया कि गोविंदपुरी निवासी सन्नी शर्मा ने शिकायत दी थी कि मई में उसने नौकरी के लिए नौकरी डॉटकॉम पर आवेदन किया था। नौकरी डॉटकॉम से विस्तारा एयरलाइंस में एयरपोर्ट ग्राउंड स्टाफ की नौकरी के लिए उसके पास 15 जून को फोन आया। फोन करने वाले ने उससे सारे कागजात मांगे और तीन हजार रुपये जमा कराने को कहा। इस तरह उससे कुल 45 हजार रुपये जमा करवा लिए। जब नौकरी नहीं मिली तो उसने पैसे वापस मांगे तो इनकार कर दिया गया। मामले की जांच जिले की साइबर सेल प्रभारी संदीप पंवार, एसआई चंद्रशेखर व हवलदार हारून को सौंपी गई। जांच में पता चला कि जिस बैंक खाते में पैसे जमा कराए थे वह एयू फाइनेंस बैंक में गौरव शर्मा के खाते में गए हैं। बैंक खाते की डिटेल से पता लगा कि जून में गौरव शर्मा के खाते में दो लाख रुपये जमा कराए गए। इसी बीच पुलिस को महाराष्ट्र के दो व तेलंगाना के तीन और पीड़ितों का पता लगा।
इंस्पेक्टर संदीप पंवार की टीम ने मोबाइल सर्विलांस आदि के जरिए 18 नवंबर को आरोपी गौरव शर्मा को शकरपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने राहुल व सोनू जायसवाल को अपना बैंक खाता कमीशन के आधार पर दिया था। पुलिस टीम मयूर विहार स्थित कॉल सेंटर में पहुंची तो वहां पांच लड़कियां टेलीकॉलर के रूप में काम कर रही थीं। पुलिस टीम ने पांडव नगर में स्थित दूसरे कॉल सेंटर में दबिश देकर सोनू जायसवाल व हरीश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। इनका चौथी साथी फरार है। गौरव शर्मा (41) ने स्नातक किया हुआ है। सोनू जायसवाल (28) ने कंप्यूटर साइंस में बीटेक और हरीश कुमार गुप्ता (31) ने इलेक्ट्रॉनिक्स व कम्युनिकेशन में बीटेक किया हुआ है।
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ऐसे करते थे ठगी
आरोपी नौकरी डॉटकॉम से डाटा लेकर युवकों को फोन कर ज्यादा सैलरी पर नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। ये युवकों से दो से तीन हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर लेते थे। इसके बाद सिक्योरिटी फीस, साक्षात्कार व अन्य फीस के नाम पर मोटी रकम ऐंठ लेते थे। युवकों को ये भी झांसा देते थे कि नौकरी लगने के बाद उनकी रकम लौटा दी जाएगी। ये बैंक खाते में आए पैसे को ऑनलाइन ट्रांसफर कर लेते थे।
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