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पंजाब के युवा कांग्रेस नेता की हत्या में तीन दबोचे

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नई दिल्ली। पंजाब में फरीदकोट जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष और गोलेवाला से जिला परिषद सदस्य गुरलाल सिंह पहलवान की 12 से ज्यादा गोलियां मारकर हत्या करने वाले तीन बदमाशों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने यहां सराय काले खां से गिरफ्तार किया है। गुरलाल की हत्या पिछले साल अक्तूबर में हुई गुरलाल बराड़ की हत्या का बदला लेने के लिए की गई थी। कांग्रेस नेता की हत्या की साजिश कनाडा में बैठे गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई के साथी गोल्डी ने बदला लेने के लिए रची थी। गुरलाल उसका चचेरा भाई था। दिल्ली में पकड़ा गया आरोपी गुरविंदर उर्फ गोरा बराड़ का बहनोई है। दिल्ली पुलिस ने पंजाब पुलिस को सूचना दे दी है।
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स्पेशल सेल के डीसीपी मनीषी चंद्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पंजाब के फरीदकोट में कोटकपूरा निवासी गुरविंदर उर्फ गोरा भाऊ (32), फरीदकोट में गुरु नानक कॉलोनी निवासी सुखविंदर उर्फ सन्नी ढिल्लन (23) और फरीदकोट के मोहल्ला माहीखाना निवासी सौरभ वर्मा (21) हैं। फरीदकोट में जुबली चौक पर गुरलाल सिंह की हत्या 18 फरवरी को उस समय कर दी गई थी, जब वह दोस्त की दुकान से अपनी कार में बैठने जा रहे थे।
मनीषी चंद्रा के मुताबिक, स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट इस मामले में राजस्थान में अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद लारेंस विश्नाई के गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही थी। यूनिट को मिली एक सूचना के बाद सराय काले खां इलाके से 20 व 21 फरवरी की रात इन तीनों बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। ये तीनों उत्तर प्रदेश में पनाह लेने जा रहे थे।
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इन्होंने पूछताछ में बताया कि कांग्रेस नेता की हत्या की साजिश फरीदकोट निवासी और कनाडा में रह रहे लारेंस विश्नोई के साथी गोल्डी बराड़ ने वहीं रची थी। गोल्डी वहीं बैठकर पंजाब के कारोबारियों से उगाही कर रहा है। लारेंस विश्नोई के संरक्षण में पल रहे स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (एसओपीयू) के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष गुरलाल बराड़ की हत्या भांबिया गिरोह से चल रही गैंगवार में अक्तूबर 2020 में हो गई थी। गुरलाल बराड़ गोल्डी का चचेरा भाई था। गुरलाल बराड़ की हत्या का बदला लेने के लिए इन्होंने मुक्तसर-मलौत राजमार्ग पर रणजीत सिंह उर्फ राणा सिद्धूू की 15 गोलियां मारकर दिनदहाड़े हत्या की थी।
भांबिया गिरोह को मदद देने का था शक
पुलिस के मुताबिक, बदमाशों को शक था कि कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह पहलवान अपने राजनीतिक कैरियर के लिए भांबिया गिरोह को समर्थन दे रहा है। ऐसे में गोल्डी ने गुरविंदर पाल से उनकी हत्या करने के लिए कहा। सुखविंदर और सौरभ लारेंस विश्नोई गिरोह के गुर्गे हैं। इस मामले में फरार दो आरोपी काला जठेडी गिरोह के हैं। गुरविंदर ने सभी को चंडीगढ़ में ठहराया था।
दिल्ली में पैठ बनाने की कोशिश कर रहा लारेंस
लारेंस विश्नोई 6-8 महीने से दिल्ली में पैठ बनाने की कोशिश कर रहा है। इसका साथी गैंगस्टर काला जठेडी फरीदाबाद पुलिस की कस्टडी से फरवरी 2020 में फरार हो गया था। उस पर सात लाख रुपये का इनाम है।
सिंघु बॉर्डर पर होना था कत्ल
कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह फेसबुक पर अपना मूवमेंट डालते रहते थे। उन्होंने 5 फरवरी को फेसबुक पर पोस्ट डाली कि वे नौ फरवरी को किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए सिंघु बॉर्डर जा रहे हैं। गोल्डी ने सिंघु बॉर्डर पर हत्या करने को कहा। गुरविंदर पाल ने दो साथियों के साथ उनका पीछा किया। यहां प्रदर्शनकारी किसानों की संख्या को देखते हुए वारदात नहीं की गई। बदमाश गुरलाल के पीछे जंतर-मंतर पर बैठे कांग्रेस नेताओं के धरनास्थल तक पहुंचे थे। गुरलाल ने यहां कांग्रेस नेताओं के साथ अपनी फोटो फेसबुक पर पोस्ट की थी। यहां दिल्ली पुलिस की सुरक्षा के कारण इन्हें हत्या का मौका नहीं मिला। 18 फरवरी को फरीदकोट में इन्हें मौका मिल गया। यहां से शूटरों को गुरविंदर पहले राजस्थान के सालासर और अगले दिन हरियाणा के झज्जर ले गया।
मोबाइल में पंजाब के व्यवसायियों के नंबर
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुरविंदर के मोबाइल से पंजाब और हरियाणा के व्यवसायियों के मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियां मिली हैं। लारेंस विश्नोई और काला जठेडी के कहने पर गोल्डी बराड़ ने ये नंबर उपलब्ध कराए थे। इनसे रंगदारी वसूली जानी थी।
फेसबुक पर विश्नोई ने ली थी हत्या की जिम्मेदारी
कांग्रेस नेता गुरलाल की हत्या पर दुख जताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया था। उन्होंने कहा था कि यह बहुत ही चौंकाने वाली घटना है। उधर, गैंगस्टर लारेंस विश्नोई ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर कांग्रेस नेता की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। उसने कहा था कि कांग्रेस नेता की हत्या गुललाल बराड़ की हत्या का बदला लेने के लिए की गई है। उसी ने इस कत्ल में गोल्डी की भूमिका का भी जिक्र किया था। साथ ही चेतावनी दी थी कि पंजाब पुलिस बेकसूर लोगों को परेशान न करे।
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