यूएई का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर ठगी, 3 धरे
नई दिल्ली। आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने दुबई, यूएई का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी वर्क वीजा से 10 लोगों को दुबई भेज रहे थे। पीड़ितों के आईजीआई एयरपोर्ट पर पकड़े जाने के बाद इस गिरोह का खुलासा हुआ। आरोपी अखबार में विज्ञापन देकर लोगों को अपने चंगुल में फंसाते थे। आरोपियों की पहचान जलालाबाद, पंजाब निवासी प्रेमकुमार (35), सन्नी देवी मंदिर जलालाबाद, पंजाब निवासी गगनदीप (31) और ढाबा रोड, लुधियाना पंजाब निवासी राकेश कुमार (38) के रूप में हुई है। आरोपी आपस में चचेरे भाई हैं।
आईजीआई एयरपोर्ट डीसीपी संजय भाटिया के अनुसार, इमीग्रेशन अधिकारियों ने पुलिस को शिकायत दी थी कि टी-3 आईजीआई एयरपोर्ट पर दुबई जा रहे 10 यात्रियों को पकड़ा गया। इनके वीजा पर प्रोटेक्टर ऑफ इमीग्रेशन स्टीकर व डिपार्चर स्टांप फर्जी है। इमीग्रेशन अधिकारियों की शिकायत पर मामला दर्जकर आईजीआई एयरपोर्ट थानाध्यक्ष किशन कुमार की देखरेख में एसआई संदीप मलिक की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने दुबई जा रहे सभी दस लोगों के बयान दर्ज किए गए। इन लोगों ने बताया कि उन्होंने राजस्थान के एक अखबार में दुबई के लिए वर्क वीजा आसानी से दिलाने का विज्ञापन पढ़ा था। इन पीड़ितों ने विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो उनकी चंडीगढ़ में एजेंट से मुलाकात हुई। एजेंट ने सभी से 50-50 हजार रुपये लेकर उन्हें वीजा, एयर टिकट और पीओई स्टीकर दे दिए।
जांच में पता लगा कि आरोपियों ने पीड़ितों को अपनी गलत पहचान बताई थी। एसआई संदीप मलिक की टीम ने चंडीगढ़ में दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे करते थे ठगी
आरोपी पहले राजस्थान के अखबार में विज्ञापन देते थे और लोगों को दुबई यूएई का वर्क वीजा जल्दी और सस्ते में देने का दावा करते थे। जब कोई इनसे संपर्क करता था तो ये उससे मोटी रकम ऐंठ कर उसे नकली वर्क वीजा पकड़ा देते थे। आरोपी पीड़ितों को कभी अपनी असली पहचान नहीं बताते थे। पुलिस अधिकारियों की मानें तो आरोपी सैकड़ों लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं।