-आरोपियों ने आरजीएसएम के नाम पर फर्जी ट्रस्ट और वेबसाइट बनाकर केंद्र सरकार का उपक्रम बताकर की ठगी
-1.5 करोड़ रुपये की लगभग 45,000 वर्दियां, 2.79 लाख रुपये नकद, सोने की अंगूठी और चेन बरामद की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन (आरजीएसएम) के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। शाखा ने करुणाकर उपाध्याय उर्फ रत्नाकर उपाध्याय, अनीता उपाध्याय और सौरभ सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.5 करोड़ रुपये मूल्य की लगभग 45,000 वर्दियां, 2.79 लाख रुपये नकद, सोने की अंगूठी और चेन बरामद की है। दो फ्लैट, एक कार की पहचान की गई है, जो अपराध की आय से खरीदे गए थे। संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की जा रही है। कार को जब्त किया गया है।
मुख्य आरोपी रत्नाकर उपाध्याय के खिलाफ उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में दुष्कर्म, जालसाजी और धोखाधड़ी के एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, सौरभ सिंह पर भी गैंगस्टर एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। आर्थिक अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमृता गुगुलोथ ने बताया, 22 मई को मिली शिकायत में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे आरोपी करुणाकर, अनीता, सौरभ और अन्य ने आपराधिक साजिश के तहत आरजीएसएम में विक्रेता के रूप में पंजीकृत कराने के लिए बहकाया और प्रेरित किया। आरोपियों ने भारत सरकार के उपक्रम के रूप में प्रस्तुत किया। विक्रेताओं को विभिन्न राज्यों में समाज के वंचित वर्ग के छात्रों के लिए स्कूल ड्रेस की आपूर्ति करनी थी। शिकायतकर्ता से स्कूल ड्रेस की डिलीवरी लेने के बाद, आरोपियों ने राशि का भुगतान नहीं किया। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को निविदा आवंटन के लिए कमीशन के रूप में लगभग 2 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए भी प्रेरित किया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को आईएएस अधिकारी बताकर स्कूल यूनिफॉर्म की आपूर्ति के नाम पर विक्रेताओं से अनुबंध करते थे और लाखों की रकम बतौर कमीशन, बयाना राशि और प्रोसेसिंग शुल्क ऐंठते थे। वहीं, गिरोह के खिलाफ पहले ही छह एफआईआर दर्ज हैं, जबकि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी इनके खिलाफ कई मामले सामने आए हैं।