-आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने की गिरफ्तारी, 30 लाख रुपये लेकर यात्री को मुहैया करवाया फर्जी दस्तावेज
-तस्वीर नहीं मिलने पर पकड़ा गया था यात्री, पुलिस भागे हुए एक एजेंट की गिरफ्तारी के लिए दे रही है दबिश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने यात्री से 30 लाख रुपये लेकर उसे दूसरे के पासपोर्ट पर कनाडा भेजने का प्रयास कर रहे तीन एजेंटों को गिरफ्तार किया है। पासपोर्ट पर लगी फोटो के मेल नहीं खाने पर यात्री को आईजीआई एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था। गिरफ्तार एजेंटों की पहचान हरिनगर पानीपत हरियाणा निवासी अमित, गांव खतपुरा पानीपत हरियाणा निवासी मोहित और गांव जौहर माजराकलां करनाल हरियाणा निवासी हरजिंदर के रूप में हुई है।
एयरपोर्ट की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि 17 मई की रात यात्री पवन दत्त कनाडा जाने के लिए दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर पहुंचा। यात्रा दस्तावेजों की जांच में पता चला कि पासपोर्ट पर चिपकाई गई तस्वीर यात्री से मेल नहीं खा रही है। यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने बताया कि उसका असली नाम गौरव है और वह गांव तेपला पटियाला पंजाब का रहने वाला है। पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में गौरव ने बताया कि उसने अपने पासपोर्ट का इस्तेमाल करके दो बार कनाडा के वीजा के लिए आवेदन किया था, लेकिन दोनों आवेदन खारिज कर दिए गए। वह अपने परिचित के जरिए एजेंट प्रदीप से मिला। उसने 30 लाख रुपये लेकर कनाडा की अवैध यात्रा की सुविधा देने का वादा किया। एजेंटों ने उसे कुरुक्षेत्र के होटल में बुलाया। जहां प्रदीप व उसके दो साथी मिले। उनलोगों ने उसे पवन दत्त के नाम से फ्लाइट टिकट, वीजा और पासपोर्ट दिया। हवाई अड्डे पर उनका एक साथी साथ आया। लेकिन दस्तावेज के सत्यापन के दौरान इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया।
पैसे को लेकर विवाद होने पर एजेंटों ने दूसरे यात्री का पासपोर्ट कर लिया जब्त
पुलिस ने पासपोर्ट धारक पवन दत्त से पूछताछ की, जिसके पासपोर्ट लेकर गौरव कनाडा जाने की कोशिश कर रहा था। पवन दत्त ने पुलिस को बताया कि वह कनाडा जाने के लिए एजेंट अमित से मिला। जिसने उसे 16 लाख में कनाडा भेजने का आश्वासन दिया। पवन ने बताया कि उसने एजेंट को अपना पासपोर्ट और 1.5 लाख रुपये दे दिए और बाकी रकम गंतव्य पर पहुंचने पर देने की बात कही। एजेंट तय समय में वीजा नहीं दे पाए। उसने अपना पासपोर्ट मांगा। एजेंट पहले बाकी पैसे लेने पर जोर दिया। भुगतान को लेकर उसका एजेटों से झगड़ा हो गया। इसके बाद एजेंटों ने पासपोर्ट और अग्रिम राशि वापस करने से इन्कार कर दिया।
यात्री के पासपोर्ट को आठ लाख में बेचा
पुलिस ने सबसे पहले अमित को पानीपत के ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया। अमित ने बताया कि वह कई साल से सहयोगियों मोहित और हरजिंदर के साथ ट्रैवल एजेंट के रूप में काम कर रहा है। पवन दत्त ने कनाडा जाने के लिए उससे संपर्क किया था। उसने पवन का पासपोर्ट मोहित को सौंप दिया, जिसने कनाडा का वीजा बनवाने के लिए इसे हरजिंदर को दे दिया। पवन दत्त से भुगतान को लेकर विवाद होने पर उनलोगों ने उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया। इसी बीच हरजिंदर पवन दत्त के पासपोर्ट पर कनाडा का वीजा हासिल करने में कामयाब हो गया। अधिक कमाई के लिए उनलोगों ने पवन के पासपोर्ट को 8 लाख रुपये में प्रदीप को बेच दिया। फिर तीनों ने पैसे आपस में बांट लिए। पुलिस ने उनके निशानदेही पर शुक्रवार को मोहित और हरजिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस भागे हुए एजेंट प्रदीप की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।