डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय की बी फार्मा प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में फार्मास्यूटिकल अकार्बनिक रसायन विज्ञान के पेपर में 10 अंक का सवाल फार्मास्यूटिकल एनालिसिस से आने से छात्रों को परेशानी हुई। विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण छात्रों का नुकसान हुआ। अतिरिक्त समय की मांग भी अनसुनी रही।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय के अधीन संचालित होने वाले बी फार्मा के पहले सेमेस्टर की परीक्षा में शनिवार को आउट ऑफ सिलेबस सवाल आ जाने से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। छात्रों ने आरोप लगाया कि फार्मास्यूटिकल अकार्बनिक रसायन विज्ञान की परीक्षा में 10 अंक का सवाल फार्मास्यूटिकल एनालिसिस से आ गया। एकेटीयू की लापरवाही के कारण कई छात्रों का नुकसान हो गया।
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छात्रों ने आरोप लगाया कि पेपर में सवाल बाहर से आने की जानकारी भी दी गई। उसके बाद भी उन्हें इसका कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि परीक्षा सुबह साढ़े नौ बजे शुरु हुई। सेक्शन बी का पहला ही प्रश्न दूसरे पेपर से आ गया, जो 10 अंक का था। छात्रों के विरोध करने पर कॉलेज की ओर से कहा गया कि वह एकेटीयू से बात करेंगे। उनका आरोप है कि उन्हें साढ़े 11 बजे दूसरा सवाल नोट कराया गया। इसके साथ ही कई छात्र कुछ अतिरिक्त समय की मांग करते रहे, लेकिन किसी को भी कोई छूट नहीं दी गई। इससे उनका 10 अंक का सवाल छूट गया। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय की गलती के कारण सवाल छूटा है। सभी को 10 अंक मिलने चाहिए।
22 मई की परीक्षा में भी एक कम आया था सवाल
उन्होंने बताया कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब प्रश्नपत्र में कमियां हुई हों। 22 मई को आयोजित फार्माक्यूटिस के प्रश्नपत्र के सेक्शन सी में सात सवाल की जगह छह ही आए थे। छात्रों के विरोध करने के बाद एक सवाल फिर से लिखवाया गया था। एकेटीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगारिया ने बताया कि पेपर में एक सवाल दूसरे पेपर का आने की उन्हें जानकारी नौ बजकर 40 मिनट पर हुई थी। नौ बजकर 50 मिनट पर सभी केंद्रों को दूसरा सवाल भेज दिया गया था। किसी भी केंद्र से छात्रों का कोई भी सवाल छूटने की कोई जानकारी नहीं मिली है।