झारखंड के जामताड़ा और धनबाद से ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग के तीन सदस्यों को द्वारका जिला की साइबर सेल और बिंदापुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी गूगल पर बैंक के कस्टमर केयर की जगह अपना मोबाइल नंबर देकर वारदात को अंजाम देते थे।
आरोपियों ने पिछले साल दिसंबर माह में बिंदापुर में रहने वाली महिला से 10 लाख रुपये की ठगी कर ली थी। इनके कब्जे से पुलिस ने तीन मोबाइल फोन, 9 डेबिट कार्ड, 23 सिम और कई बैंक खाते के कागजात बरामद किए हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त संतोष कुमार मीणा ने बताया कि बिंदापुर में रहने वाली सोनिया ने 25 दिसंबर को बिंदापुर थाने में ठगी की शिकायत की। शिकायत में उसने बताया कि उसका पर्स खो गया था। जिसमें उसका डेबिट कार्ड व अन्य कागजात थे।
उसने तुरंत गूगल के जरिए पंजाब नेशनल बैंक का कस्टमर केयर नंबर लेकर उसपर बात की। कस्टमर केयर पर बात करने वाले ने बताया कि एक घंटे में उसे कार्ड ब्लॉक होने का मैसेज उसके मोबाइल फोन पर आ जाएगा। लेकिन कुछ देर बाद उसके पास मैसेज आया कि किसी ने उसका फिक्स डिपोजिट 10 लाख रुपये को बैंक खाते से निकाल लिया है।
शिकायत की जांच के दौरान साइबर सेल के निरीक्षक महेंद्र मिश्रा और उप निरीक्षक अरविंद ने आरोपियों के फोन का सीडीआर, आईएमईआई सर्च, आईपीडीआर के साथ साथ बैंक खाते की जांच, जिसमें दस लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। इन सब की जांच से पता चला कि झारखंड के जामताड़ा और धनबाद से ठगी को अंजाम दिया गया है।
पुलिस की टीम ने जामताड़ा, धनबाद और पश्चिम बंगाल में आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दी। 19 जनवरी को पुलिस टीम ने जामताड़ा से मोहम्मद शहाबुद्दीन अंसारी और धनबाद से इकबाल अंसारी और फेनूल शाह को गिरफ्तार कर लिया।
इनके निशानदेही पर पुलिस ने सिम, एटीएम कार्ड व मोबाइल फोन के अलावा बैंक के कागजात बरामद कर लिए। पुलिस ने तीनों को जामताड़ा कोर्ट में पेश करने के बाद 21 को दिल्ली के द्वारका कोर्ट में पेश किया। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।