सर्वे के अनुसार 18 वर्ष से अधिक आयु के 21.4 फीसदी कोरोना संक्रमित मिले हैं। शहरी झुग्गी इलाकों में 31.7 फीसदी लोगों में कोरोना संक्रमण का पता चला है। वहीं गैर शहरी झुग्गी इलाकों में 26.2 और ग्रामीण क्षेत्रों में 19.1 फीसदी लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं।
सर्वे के अनुसार जांच के दौरान 20.3 फीसदी पुरूषों में प्रतिरोधक क्षमता पता चली है। जबकि 22.7 फीसदी महिलाओं में संक्रमण का पता चला है। 10 से 17 वर्ष के बीच किशारों में सर्वाधिक 25.3 फीसदी कोरोना की चपेट में आए हैं।
डॉ. बलराम भार्गव का कहना है कि सीरो सर्वे के परिणाम साफ इशारा कर रहे हैं कि देश में कोरोना टीका की जरूरत काफी है। हालांकि मास्क, सोशल डिस्टैसिंग और हाथों की सफाई पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। कोरोना महामारी से निपटने के लिए सावधानी ही सबसे बड़ी कुंजी है।
डॉक्टर-नर्स सबसे ज्यादा हुए संक्रमित
21 राज्यों के 70 जिलों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे डॉक्टर-नर्स सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मिले हैं। सर्वे के दौरान जिन 26.6 फीसदी नमूनों में एंटीबॉडी मिली हैं वह डॉक्टर और नर्स के नमूने हैं। इनके अलावा 25.4 फीसदी पैरामेडिकल, 25.3 फीसदी फील्ड स्टाफ और 24.9 फीसदी अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
एंटीबॉडी मिलने वालों की आयु
आयु (वर्ष में) संख्या (फीसदी में)
10-17 25.3
18-44 19.9
45-60 23.4
60 से अधिक 23.4
जरूरी फैक्ट्स
. 19.1 फीसदी ग्रामीण आबादी को अब तक हो चुका है कोरोना संक्रमण।
. 31.7 फीसदी शहरी झुग्गी, 26.2 फीसदी गैर शहरी झुग्गी इलाकों में रहने वाले आ चुके हैं कोरोना की चपेट में।
. देश का हर चौथा स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना संक्रमित होने के बाद हो चुका है स्वस्थ्य।