नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नौ से 15 वर्ष के बच्चों को किराए (लीज) पर लेकर चोरी की वारदात करने वाले बैंड बाजा बारात गिरोह का पर्दाफाश किया है। मध्यप्रदेश का यह गिरोह बच्चों से शादी समारोह में चोरी की वारदात कराता था। पुलिस ने इस गिरोह के दो नाबालिग समेत सात सदस्यों को पकड़ा है। गिरोह बच्चों को एक वर्ष के लिए किराए पर लेकर उनके माता-पिता को एक वर्ष का 10 से 12 लाख रुपये देेते थे। अपराध शाखा ने दावा किया है कि इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली, लुधियाना, जीरकपुर और चंडीगढ़ की आठ वारदात सुलझाई हैं।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शिबेश सिंह के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में शादी समारोह में चोरी की हो रही वारदात को देखते हुए एसीपी पंकज सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर दिग्विजय सिंह, एसआई राजीव बमल, एसआई अशोक कुमार व एएसआई वीर सिंह की विशेष टीम बनाई। इस टीम ने फार्म हाउस व बैंक्वट हॉल में हुई शादी समारोह की वीडियो व सीसीटीवी की फुटेज देखकर दो नाबालिग समेत तीन संदिग्धों की पहचान की। जांच में पता लगा नाबालिग खाना खाने के साथ-साथ मौका लगते ही गिफ्ट बैग, शगुन, ज्वैलरी कैश चोरी कर वहां से निकल जाते हैं। जांच में इस गिरोह के सदस्यों की पहचान गांव गुलखेरी, सुलखेरी व कडिया, राजगढ़ मध्यप्रदेश रूप में हुई। इस टीम गिरोह के दो नाबालिग समेत सात सदस्यों को पकड़ लिया। बालिग आरोपियों की पहचान संदीप, हंसराज, संत कुमार, किशन और विशाल के रूप में हुई। संदीप (26) इस गिरोह का सरगना है। आरोपियों के कब्जे से चार लाख रुपये, एक सिल्वर सिक्का और दो बैग बरामद गए हैं।