यूरोपीय तर्ज पर विकसित की जा रहीं दिल्ली की सड़कें अगस्त तक तैयार हो जाएंगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में सड़कों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को पायलट प्रोजेक्ट का काम अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए।
दिल्ली सरकार पायलट प्रोजेक्ट के तहत 32.5 किलोमीटर लंबी सात सड़कों को यूरोपीय स्तर का बना रही है। इस तरह सरकार दिल्ली की कुल 540 किलोमीटर लंबी सड़कों को यूरोपीय देशों के स्तर का बनाएगी। इन सड़कों के सौंदर्यीकरण के लिए दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग को भी लगाया गया है। पर्यटन विभाग सिंगापुर व लंदन की तर्ज पर सड़कों के किनारे हरियाली और अन्य सुविधाएं विकसित कर रहा है। समीक्षा बैठक में लोक निर्माण मंत्री मनीष सिसोदिया समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। केजरीवाल ने समीक्षा के दौरान अधिकारियों से प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की।
जाम की समस्या खत्म हो जाएगी
सड़कों के री-डीजाइन करने से बाटलनेक खत्म होंगे। अभी सड़क चार लेन से तीन लेन की हो जाती है या छह लेन से चार लेन की हो जाती है। इससे अचानक सड़क पर एक जगह वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। सड़कों के री-डिजाइन के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी और सड़क एक समान चौड़ी दिखेगी, इससे जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।
स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियां लगेंगी
यूरोपीय तर्ज पर विकसित की जा रही दिल्ली की सड़कें आधुनिकता के साथ ही देशभक्ति को भी पेश करेंगी। सड़कों के किनारे भगत सिंह और रानी लक्ष्मी बाई जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियां लगाई जाएंगी। साथ ही दो फव्वारे, फुट ओवरब्रिज पर कलाकृति, सैंड स्टोन बेंच, बुद्ध प्रतिमा, इस्पात तत्व व सैंड स्टोन आर्ट का काम किया गया है। सड़क के एक तरफ साइकिल ट्रैक और फुटपाथ बनाया गया है।