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रेनोवेशन करने वाले राजमिस्त्री ने लगाई थी बैंक में सेंध, दो गिरफ्तार

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नई दिल्ली। फर्श बाजार स्थित विश्वास नगर के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की दीवार तोड़कर 55 लाख रुपये की सेंध लगाने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान विश्वास नगर निवासी हरीराम और कालीचरण के रूप में हुई है। पुलिस ने चोरी किए गए 54.48 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। दरअसल हरीराम राजमिस्त्री है। छह माह पूर्व उसने बैंक के स्ट्रांग रूम में रेनोवेशन का काम किया था। वहां कैश देखकर उसने वहां सेंध लगाने की साजिश रच ली थी।
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शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर साथिया सुंदरम ने बताया कि सोमवार सुबह विश्वास नगर स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सेंध लगाने की सूचना मिली थी। घटना को अंजाम देने के लिए बैंक के बराबर वाले निर्माणाधीन मकान का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने बैंक मैनेजर अभिषेक कुमार झा की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया। स्थानीय पुलिस के अलावा जिले के स्पेशल स्टाफ और एएटीएस को भी जांच में लगा दिया गया। संयुक्त आयुक्त समेत तमाम पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया था। पुलिस ने बैंक में छह माह के दौरान काम करने वाले गार्ड और मजदूरों की जानकारी जुटाई। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से पड़ताल की। जांच के दौरान पुलिस को बैंक के पास एक इमारत के सीसीटीवी कैमरे की दिशा बदली हुई मिली।
जांच की गई तो पता चला कि किसी ने पहली मंजिल पर जाकर कैमरे की दिशा को बदला था, लेकिन आरोपी कैमरे में कैद हो गया था। पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। जांच में एक शख्स द्वारा कैमरे की दिशा बदलने का पता चला। पुलिस ने उस आरोपी हरीराम से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने बैंक में चोरी की बात कुबूल कर ली। हरीराम की निशानदेही पर पुलिस ने उसके साथ कालीचरण को भी दबोच लिया।
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तीन महीने से एक-एक दिन गिन रहा था
आरोपी हरीराम ने बताया कि वह बैंक से चंद कदमों की दूरी पर रहता है। वह राजमिस्त्री है। पास की इमारत में वह काम भी करता था। छह माह पहले उसे बैंक के स्ट्रांग रूम में रेनोवेशन के लिए बुलाया गया था। उसने तभी चोरी की साजिश रच ली। उसे पता था कि निर्माणाधीन मकान की दीवार तोड़कर बैंक के स्ट्रांग रूम में पहुंचा जा सकता है। वह लगातार चोरी के प्रयास करता रहा। तीन माह से वह एक-एक दिन गिन रहा था। लॉकडाउन खुलते ही उसने निर्माणाधीन बिल्डिंग का ताला बदल दिया था। अंजाम देने से पहले सीसीटीवी कैमरे की दिशा को बदला। घटना वाले दिन रविवार को वह दिन में अपने साथी के साथ वहां पहुंचा। ताला खोलकर निर्माणाधीन मकान के अंदर जाकर उसने पत्थर काटने वाली मशीन से दीवार तोड़ी और बैंक के सर्वर रूम में दाखिल हो गया। इसके बाद स्ट्रांग रूम की दीवार काटकर वहां रखे रुपयों को निकाल लिया गया। इस काम में छह से सात घंटे लगे।
जिसने की चोरी, उसी से करवाई मरम्मत
जिस बदमाश ने चोरी को अंजाम दिया, बैंक ने वारदात के बाद उसी को टूटी दीवार की मरम्मत के लिए बुला लिया। हरी राम ने ही तोड़ी हुई दीवार की मरम्मत की। पुलिस ने जांच की तो उस पर शक हुआ। देर रात उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया। बाद में जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
जुए में हार गया था 10 लाख रुपये
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि आरोपी हरी राम को जुआ खेलने की लत है। वह इसी लत को पूरा करने के लिए बैंक में चोरी करना चाहता था। दूसरे आरोपी कालीचरण का अपना कारोबार है। उसे जुआ खेलने व सट्टा लगवाने की लत है। कालीचरण का कहना है कि हरी राम को उसके 10 लाख रुपये देने थे, जो हरी जुए में हारा हुआ था इसलिए उसने उसका साथ दिया।
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