बाद में एलजी ने वीडियो कॉल के जरिये किसानों से बात की...
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कृषि कानूनों के विरोध में किसान नेताओं ने शनिवार को दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल को ज्ञापन देकर तीनों कानूनों को वापस लेने का आह्वान किया था। इसको देखते हुए पुलिस ने भी किसानों को बॉर्डर पर रोकने के तगड़े इंतजाम किए थे। लेकिन दोपहर के समय कुछ किसान नेता पुलिस को चकमा देकर एलजी हाउस पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों को इसकी खबर मिली तो उनके होश उड़ गए।
आनन-फानन में सभी किसानों को हिरासत में लेकर पुलिस उपायुक्त कार्यालय लाया गया। जहां सभी एलजी को ज्ञापन देने की जिद पर अड़ गए। मजबूरन पुलिस अधिकारियों को एलजी हाउस के सचिव को सूचना देनी पड़ी। बाद में सभी पुलिस व एलजी हाउस के अधिकारियों ने किसान नेता युद्धवीर सिंह की वीडियो कॉल कराकर एलजी अनिल बैजल से बात करवाई। इसके बाद एलजी सचिव को ज्ञापन देने के बाद किसान वापस लौट गए। उधर पुलिस ने किसानों को हिरासत में लेने की बात से इंकार किया है। उनका कहना है कि किसान नेताओं ने उनके साथ पूरा सहयोग किया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक शनिवार दोपहर के समय एलजी हाउस के बाहर अचानक कुछ कारों में 30 से 40 किसान पहुंच गए। निजी कारों से आए किसान वहां बैठ गए। पुलिस अधिकारियों ने फौरन इनको हिरासत में लिया। किसानों को समझाकर उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त कार्यालय सिविल लाइंस ले आया गया। यह लोग एलजी को ज्ञापन देने की जिद पर अड़े रहे। भारतीय किसान यूनियन के महासचिव युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में कुछ किसानों का एक दल पुलिस उपायुक्त कार्यालय के अंदर पहुंचा।
वहां एलजी हाउस के अधिकारी भी पहुंच गए। किसान नेताओं की जिद के बाद वीडियो कॉल के जरिये उनकी बात एलजी से करवाई गई। एलजी अनिल बैजल ने बीमार होकर उठने की बात की और कहा कि वह खुद किसानों मिलते। लेकिन बीमारी की वजह से मजबूर हैं। किसान नेताओं ने भी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
बाद में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में किसान नेताओं ने एलजी सचिव को अपना ज्ञापन सौंप दिया। इसके बाद किसान नेता वहां से बिना किसी हंगामे के लौट गए। पुलिस ने किसानों को हिरासत में लेकर की बात से साफ इंकार किया है। उनका कहना है कि किसानों ने पुलिस के साथ पूरा सहयोगी किया था।