‘कंकाल’ का मंचन देख दर्शक रह गए स्तब्ध
नई दिल्ली। मंडी हाउस स्थित एलटीजी ऑडिटोरियम में रविवार शाम रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रसिद्ध कथा पर आधारित नाटक ‘कंकाल’ का मंचन हुआ। निर्देशक शुद्धो बनर्जी की तरफ से निर्देशित यह प्रस्तुति दर्शकों को उस रहस्यमयी दुनिया में ले गई जहां मृत्यु के बाद भी इच्छाएं शांत नहीं होतीं। इस गहरी, कल्पनाशील और मन को विचलित कर देने वाली कहानी ने मानव-मन की परतों, अपूर्ण प्रेम और आत्मा–देह के संघर्ष को बेहद प्रभावशाली ढंग से उजागर किया।
नाटक में भावनाओं की सीमाएं तोड़ती दमदार अदाकारी, आत्मा और शरीर के संघर्ष को दर्शाता प्रतीकात्मक दृश्य संयोजन, अलौकिक माहौल रचता प्रभावी साउंड डिजाइन, और हॉरर, दर्शन और तीव्र प्रेम के बीच संतुलन बनाती निर्देशक की दृष्टि ने दर्शकों को शुरू से अंत तक बांधे रखा। संवाद