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10वीं का रिजल्ट बेहतर दिखाने का आरोप सही साबित : सचदेवा

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9वीं कक्षा में बड़े पैमाने पर छात्रों को फेल किया गया, अधिकांश की पढ़ाई वहीं रुक गई
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार के शिक्षा मॉडल को लेकर दावे खोखले साबित हुए हैं। इस बारे में भाजपा लंबे समय से आरोप लगाती रही है कि दिल्ली सरकार 10वीं के परिणाम को बेहतर दिखाने के लिए जानबूझकर कमजोर छात्रों को 9वीं कक्षा में फेल कर देती है।
संसद में पेश हुए आंकड़ों ने इन आरोपों को सच सिद्ध कर दिया। सचदेवा ने बताया कि राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के एक प्रश्न के जवाब में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने जो आंकड़े प्रस्तुत किए, उनसे स्पष्ट है कि 9वीं कक्षा में बड़े पैमाने पर छात्रों को फेल किया गया और उनमें से अधिकांश की पढ़ाई वहीं रुक गई। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, वर्ष 2020-21 में 31,541 छात्र फेल हुए, जिनमें से सिर्फ 11,322 ने ओपन स्कूल से पढ़ाई जारी रखी। वहीं वर्ष 2021-22 में 28,548 छात्र फेल हुए, जिनमें से केवल 10,598 आगे पढ़ सके। इन दो वर्षों में 39,519 छात्रों ने 9वीं के बाद पढ़ाई ही छोड़ दी। जबकि वर्ष 2022-23 में 88,421 छात्र 9वीं में फेल हुए, लेकिन केवल 29,436 ने ओपन स्कूल का विकल्प चुना। वर्ष 2023-24 में जब आतिशी शिक्षा मंत्री थीं, तब फेल होने वालों की संख्या 1,01,344 तक पहुंच गई, इनमें से सिर्फ 7,794 छात्रों ने आगे पढ़ाई जारी रखी। वर्ष 2024-25 में 9वीं में 70,296 छात्र फेल हुए और सिर्फ 11,974 ने ओपन स्कूल से पढ़ाई जारी रखी।
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सचदेवा ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर छात्रों का 9वीं में फेल होना और उनमें से अधिकांश का आगे शिक्षा न जारी रख पाना, दिल्ली सरकार के शिक्षा मॉडल की वास्तविकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया केवल 10वीं के परीक्षा परिणाम को सर्वश्रेष्ठ दिखाने के लिए थी, जिसका अब संसद में पेश तथ्यों से प्रमाण मिल गया है।
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