नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने दिल्ली सरकार के वित्त पोषित 28 कॉलेजों की प्रबंध समिति को तीन माह का विस्तार दिया है। कोरोना महामारी को देखते हुए समिति का कार्यकाल बढ़ाया गया है। इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। समिति का कार्यकाल 13 सितंबर 2021 तक होगा। फिलहाल ये 13 जून 2021 तक है। कार्यकाल बढ़ने से कॉलेजों मेें शैक्षिक व गैर शैक्षिक कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो सकती है। अभी शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है।
दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन (डीटीए) ने 28 कॉलेजों की प्रबंध समिति को एक्सटेंशन दिए जाने पर खुशी जताई है। इसके लिए डीटीए ने वाइस चांसलर प्रो पी.सी जोशी, डीन ऑफ कॉलेजिज डॉ बलराम पाणी व रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता का धन्यवाद किया है। प्रबंध समिति को विस्तार दिए जाने को लेकर डीटीए का एक प्रतिनिधिमंडल डीयू प्रशासन से मिला था।
डीटीए प्रभारी डॉ हंसराज सुमन ने कहा कि विस्तार देने संबंधी पत्र डीयू के सहायक रजिस्ट्रार की ओर से जारी किया गया है। इसमें उन्होंने दिल्ली सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक से कहा है कि 15 जनवरी 2021 के कार्यालय पत्र, फिर 29 जनवरी 2021 के पत्र के संदर्भ में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए तीन महीने का विस्तार दिया जाता है।
दरअसल इससे पहले दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय के 28 कॉलेजों में नामित प्रबंध समिति के सदस्यों को तीन महीने के विस्तार की मांग की थी।
डीयू प्रशासन ने दिल्ली सरकार से प्रबंध समिति के सदस्यों की सूची मांगी है। डीटीए ने दिल्ली सरकार से मांग की है कि इन कॉलेजों में प्रबंध समिति के सदस्यों के लिए वरिष्ठ शिक्षाविद, पत्रकार, डॉक्टर, संस्कृत कर्मी के अलावा अकादमिक जीवन में योगदान देने वालों का ही नाम भेजें ताकि उन कॉलेजों को स्तरीय प्रशासनिक नेतृत्व मिल सके। इनका कार्यकाल एक वर्ष के लिए होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह अपने नामित सदस्यों के नाम समय से पूर्व विश्वविद्यालय प्रशासन को भेज दे ताकि समय पर नई प्रबंध समिति बनाने की प्रक्रिया पूरी हो सके।