एक साल पहले तेजस्विनी पहल के तहत उत्तर पश्चिम जिले में तैनात की गई 52 महिला सिपाही अपराध की रोकथाम के लिए पुरुष पुलिसकर्मियों संग मिलकर काम कर रही हैं। महिला पुलिसकर्मियों की तत्परता से सड़क पर होने वाले अपराध में करीब 37 फीसदी की कमी आई है।
बुजुर्गों के लिए बेटी और युवाओं के बीच दीदी के नाम से मशहूर महिला पुलिसकर्मियों की हिम्मत से बदमाशों के हौसले पस्त हैं। एक साल पहले तेजस्विनी पहल के तहत उत्तर पश्चिम जिले में तैनात की गई 52 महिला सिपाही अपराध की रोकथाम के लिए पुरुष पुलिसकर्मियों संग मिलकर काम कर रही हैं। महिला पुलिसकर्मियों की तत्परता से सड़क पर होने वाले अपराध में करीब 37 फीसदी की कमी आई है।
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पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी बताती हैं कि बीट पर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करने के पीछे उद्देश्य महिलाओं के साथ होने वाले अपराध में कमी लाने का था। तैनाती के बाद महिला पुलिसकर्मियों को बुजुर्गों ने बेटी समझकर अपनी समस्याएं बताईं, वहीं युवाओं ने दीदी समझकर अपनी परेशानियां साझा कीं।
महिला पुलिसकर्मियों ने समस्याएं सुलझाने के साथ ही अपराध के बारे में लोगों को जागरूक किया। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि महिला पुलिसकर्मी 15 मामलों की जांच कर रही हैं। इनकी मदद से 5 लुटेरों, 3 झपटमारों, 4 वाहन चोर और छेड़खानी के 67 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। महिलाकर्मी अब तक करीब 200 शिकायतों का निपटारा कर चुकी हैं। एक साल पहले तेजस्विनी पहल के तहत संवेदनशील बीटों पर महिला कर्मियों की तैनाती की गई थी।
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तेजस्विनी सप्ताह मनाएगी दिल्ली पुलिस
अधिकारी ने बताया कि तेजस्विनी योजना के एक साल पूरा होने पर उत्तर पश्चिम जिला तेजस्विनी सप्ताह मनाएगी। इस दौरान महिला पुलिसकर्मी स्कूलों और कॉलेजों का दौरा कर महिलाओं को जागरूक करेंगी साथ ही आत्मरक्षा के गुर सिखाएंगी।