नई दिल्ली। घर में महिंद्रा कंपनी का ट्रैक्टर होने के क्रेज ने 15 वर्षीय किशोर को वाहन चोर बना दिया। किशोर ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के वाइस चांसलर के आवास के बाहर से विवि का ट्रैक्टर चुरा लिया। उसने लगातार 700 किलोमीटर ट्रैक्टर चलाया और 40 घंटे में दिल्ली से चित्रकूट पहुंच गया। शिकायत पर वसंत कुंज (नार्थ) थाना पुलिस ने आरोपी नाबालिग को चित्रकूट से पकड़ लिया। खेतों की जुताई में इस्तेमाल किया जा रहा ट्रैक्टर भी बरामद कर लिया। इस घटना से जेएनयू की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी किशोर की इच्छा थी कि उसके घर में महिंद्रा का ट्रैक्टर हो। इसकी वजह ये है कि चित्रकूट में ज्यादातर घरों में इसी कंपनी के ट्रैक्टर हैं। किशोर के पिता जेएनयू में करीब डेढ़ वर्ष तक सिक्योरिटी गार्र्ड रहे। तब किशोर का जेएनयू में आना-जाना था। उसे पता था कि जेएनयू में महिंद्रा कंपनी का ट्रैक्टर है।
कुछ दिनों पहले उसने घरवालों से कहा कि उसे 50 हजार रुपये में ट्रैक्टर मिल रहा है। मगर घर वालों ने उसे सिर्फ 15 हजार रुपये ही दिए। इस पर किशोर ने परिजनों से कहा था कि बाकी पैसे वह दोस्तों से उधार ले लेगा। इसके बाद किशोर दिल्ली आया और 29 मई को जेएनयू से ट्रैक्टर चुराकर ले गया। 30 मई को वसंत कुंज (नार्थ) थानाध्यक्ष राजकुमार की देखरेख में एसआई हेमंत कुमार, एसआई शिव कुमार और हवलदार रामवीर की टीम ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने चित्रकूट पहुंचकर किशोर को पकड़ लिया। दिल्ली पुलिस ट्रैक्टर और किशोर को दिल्ली ले आई है। वहीं सवाल उठ रहा है कि जेएनयू में बड़ी संख्या में सुरक्षा गार्ड तैनात होने के बाद भी किशोर बिना चाबी के डायरेक्ट स्टार्ट कर ट्रैक्टर कैसे चुरा ले गया।