नई दिल्ली। दिल्ली पेरेंट्स एसोसिएशन (डीपीए) की शिकायत के बाद सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को गैर शैक्षणिक गतिविधियों से तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया है। अब शिक्षकों को गैर जरूरी कार्यों से छुटकारा मिलेगा, जिससे वह बच्चों को पढ़ाने में समय लगा सकेंगे। दिल्ली के शिक्षा विभाग ने डीपीए की इस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए सभी डीडीई जोन को तत्काल इस दिशा निर्देश का पालन कराने को कहा है।
दिल्ली पैरेंट्स एसोसिएशन ने पिछले महीने 10 दिसंबर को शिक्षा विभाग के विभिन्न उच्च विभागों को पत्र लिखकर इस बात की शिकायत की थी कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षक दूसरे कामों में लगे रहते हैं। उनके बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। इसके बाद सभी डीडीए को 11 जनवरी को यह आदेश दिया गया है कि शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों पर न लगाया जाए और तुरंत ही पढ़ाई के कार्य पर लगाया जाए।
दिल्ली शिक्षा विभाग ने कहा है कि कोरोना काल में हजारों शिक्षकों की ड्यूटी विभिन्न कोविड सेंटरों पर लगाई गई है। उन्हें बहुत से गैर शैक्षणिक कार्यों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई पर बहुत असर पड़ा है। 18 जनवरी से स्कूलों को 10वीं और 12वीं के बच्चों के लिए खोलने की तैयारी चल रही है। जिन स्कूलों को कोविड केंद्रों में तब्दील किया गया है, वहां के बच्चों और शिक्षकों के लिए सुरक्षा के क्या इंतजाम होंगे, शिक्षा विभाग ने अभी यह साफ नहीं किया है।