नई दिल्ली। दिल्ली के विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों व शिक्षकों ने ऑनलाइन कक्षाओं, ओपन बुक एग्जाम (ओबीई) व अन्य परेशानियों को लेकर चिंता जताई। इन परेशानियों को लेकर स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से मंगलवार को वर्चुअल प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
जूम मीट के माध्यम से हुई इस प्रेस वार्ता में डूटा की कोषाध्यक्ष प्रो. आभा देव हबीब ने कहा कि डीयू प्रशासन द्वारा ओबीई ऑनलाइन आयोजित किए गए, इससे छात्रों को परेशानी हुई। डीयू प्रशासन ने ओबीई को जानबूझकर बढ़ावा दिया ताकि ऑनलाइन शिक्षा की संभावनाओं को ध्यान में रखा जा सके। उन्होंने बताया कि परीक्षाएं शिक्षकों के लिए भी उतनी ही कठिन रहीं जितनी छात्रों के लिए।
लेडी श्रीराम कॉलेज छात्र संघ की महासचिव उन्नीमाया ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाएं व एग्जाम छात्रों के लिए बड़ी आफत साबित हुए। कनेक्टिविटी और नेटवर्क संबंधी तकनीकी समस्याओं के कारण परेशानी ज्यादा हुई। वहीं एमबीए और इंजीनियरिंग के छात्रों से बिना किसी सुविधा व संसाधनों के फीस वसूलने के मुद्दे को भी उठाया गया।
आईपीयू विश्वविद्यालय के एक छात्र कार्तिक ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाओं के नाम पर छात्रों से 103000 रुपये फीस वसूली जा रही है, जबकि कुछ छात्र ही कक्षाएं ले रहे हैं। फीस वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों के घर फोन कर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। इसलिए सरकार और विश्वविद्यालयों को सभी हित धारकों जैसे शिक्षक छात्र को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनानी चाहिए।