इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट के पास सोमवार को मिले विदेशी नागरिक के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस विदेशी सख्स को किराए के विवाद के दौरान टैक्सी ड्राइवर और उसके दो साथियों ने पीट-पीटकर मार दिया था। पुलिस ने इस घटना की गुत्थी को कुछ घंटों में ही सुलझाने का दावा किया है और विदेशी नागरिक की हत्या में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
डीसीपी राजीव रंजन ने बताया कि तीनों आरोपी वीरेंद्र सिंह, गोपाल सिंह और दिलबाग उर्फ बिल्लू रंगपुरी इलाके के रहने वाले हैं। इन्होंने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया है कि टैक्सी के किराए को लेकर विदेशी नागरिक से इनका झगड़ा हुआ था और बाद में उन लोगों ने ही उसे पीटा था और फुटपाथ पर छोड़कर भाग गए थे।
17 मई को आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस को सूचना मिली कि संतूर अस्पताल के पास एक शख्स बेहाशी की हालत में पड़ा है। सब इंस्पेक्टर संजीव चौधरी ने अपने स्टाफ के साथ घटनास्थल पर जाकर देखा तो एक व्यक्ति का शव मौके पर पड़ा हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सफदरजंग अस्पताल भेजा।
पुलिस को शव के पास एक मोबाइल फोन भी मिला। फोन में आखिरी डायल नंबर ट्रैवेल एजेंट मनोज साहू का था। पूछताछ के बाद ट्रैवल एजेंट ने केन्या निवासी जामा सईद फरहा के पासपोर्ट की कॉपी पुलिस को उपलब्ध कराई। इससे मृतक की पहचान हो सकी।