दिल्ली दंगा मामले में आरोपी छात्र नताशा नरवाल, देवांगना कलिता और आसिफ इकबाल तन्हा जमानत मिलने के बावजूद जेल में रहेंगे। अदालत ने रिहाई के लिए उनकी ओर से दायर आवेदन पर सुनवाई बुधवार को बृहस्पतिवार तक स्थगित कर दी। कई जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के कारण व्यस्तता के कारण इन छात्रों के आवेदन पर आदेश पारित नहीं हो सका।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने आवेदन को आदेश के लिए बृहस्पतिवार 11 बजे के लिए सूचीबद्ध किया है। आवेदन पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने आरोपियों का पता, जमानतियों तथा आधार कार्डों के विवरण की पड़ताल के लिए और समय मांगा। पुुलिस ने कहा इनकी पड़ताल में तीन दिन का समय लगेगा।
आरोपियों की ओर से अधिवक्ता अदित एस पुजारी ने इस पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पुलिस आरोपियों की रिहाई को जानबूझकर लटका रही है। आप उन्हें अवैध हिरासत में रख रहे हैं। इन छात्रों को जमानत मिले हुए 24 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है।
हाईकोर्ट ने नरवाल, कलिता और तन्हा को मंगलवार को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलकों व दो-दो जमानतियों की शर्त पर जमानत प्रदान की थी। इन छात्रों को दिल्ली पुलिस ने उत्तर पूर्वी दिल्ली के सिलसिले में आतंकी साजिश के आरोप में मई 2020 में गिरफ्तार किया था।
वहीं दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट से जमानत दिए जाने के फैसले को बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी। पुलिस का आरोप है कि ये छात्र दिल्ली दंगों के मास्टर माइंड हैं। उत्तर पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी को शुरू हुए इन दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 200 से अधिक घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस ने इन पर कठोर आतंकरोधी कानून यूएपीए लगाया था। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद इन तीनों छात्रों ने अपनी तुरंत रिहाई के लिए निचली अदालत में आवेदन दायर किया था।