फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भावुक हुए ब्रजभूषण के समर्थक: पूर्व सांसद के बरी होने पर फूलों की बारिश, गले मिल छलके आंसू; उमड़े समर्थक

Tue, 04 Aug 2026 04:28 AM IST
Digvijay Singh सचिन कुमार, अमर उजाला, दिल्ली

सार

पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह के बरी होने की खबर सामने आते ही उनके दिल्ली स्थित आवास का माहौल पूरी तरह बदल गया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में समर्थक वहां पहुंचने लगे।
विज्ञापन
आवास पर उमड़े समर्थक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह के बरी होने की खबर सामने आते ही उनके दिल्ली स्थित आवास का माहौल पूरी तरह बदल गया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में समर्थक वहां पहुंचने लगे। किसी के हाथ में फूलों की माला थी तो कोई मिठाई का डिब्बा लेकर आया। देखते ही देखते आवास के बाहर समर्थकों की भीड़ जुट गई। ब्रजभूषण जिंदाबाद और सच की जीत हुई के नारों के बीच समर्थकों ने उन पर फूलों की बारिश की, मिठाइयां बांटी और पटाखे जलाकर खुशी का इजहार किया। 

विज्ञापन


फैसले के बाद सांसद करण सिंह ने बताया कि जो शोषित पहलवान थे, यह उनकी जीत है। यह मेरे लोकसभा क्षेत्र की जीत है। यह हम सबकी जीत है और खासतौर पर मेरे पिताजी की बहुत बड़ी जीत है। आवास पर मौजूद लोगों के अनुसार, पिछले कुछ सालो में पूरा परिवार कानूनी प्रक्रिया और उससे जुड़े दबाव के दौर से गुजरा है। 

फैसले के बाद जब समर्थकों ने ब्रजभूषण को बधाई दी तो उनके बेटे करण सिंह के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दे रही थी। परिवार के करीबी समर्थक राम आनंद ने बताया कि कठिन समय में भी समर्थकों ने उनका साथ नहीं छोड़ा। 
विज्ञापन


हर मिलने वाला गले लगाकर दे रहा था बधाई
आवास पर पहुंचने वाले समर्थकों में कई ऐसे लोग भी थे, जो साल से ब्रज भूषण के साथ जुड़े रहे हैं। कोई हाथ जोड़कर शुभकामनाएं दे रहा था तो कोई गले लगाकर बधाई दे रहा था। कई बुजुर्ग समर्थकों ने उन्हें फूलों की माला पहनाई। महिलाओं ने भी परिवार को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। ब्रजभूषण की महिला समर्थक सुनीता ने बताया कि हमने हमेशा उनके लिए प्रार्थना की थी। आज फैसला आया तो लगा कि हमारी दुआ कबूल हो गई।

शाम तक लगा रहा समर्थकों का तांता
दोपहर से शुरू हुआ समर्थकों का आना-जाना देर शाम तक जारी रहा। दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश और आसपास के कई जिलों से भी समर्थक आवास पहुंचे। भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मी भी मौके पर तैनात रहे और सुरक्षा व्यवस्था संभालते रहे। दिनभर चले इस जश्न के बीच सबसे अधिक चर्चा उस भावुक पल की रही, जब लंबे कानूनी संघर्ष के बाद पिता और बेटे ने एक-दूसरे को गले लगाया। उस समय वहां मौजूद कई समर्थकों की आंखें भी नम हो गईं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें