नई दिल्ली। 2017 में सुप्रीम कोर्ट का जज बनकर एक न्यायिक अधिकारी को प्रभावित करने और जमानत दिलाने की कोशिश के मामले में दोषी ठहराए गए सुकेश चंद्रशेखर ने अब दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करने की मांग की है। चंद्रशेखर की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि मुकदमे के दौरान निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांतों का पालन नहीं हुआ। याचिका में न्यायिक पक्षपात की आशंका जताते हुए फैसले में की गई कुछ टिप्पणियों को हटाने की भी मांग की गई है। चंद्रशेखर के वकील के अनुसार, दोषसिद्धि के तुरंत बाद दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।
याचिका में कहा गया है कि ट्रायल कोर्ट का फैसला दिल्ली हाईकोर्ट के नियमों और कानून के तय सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी दावा किया है कि सुनवाई के दौरान कुछ ऐसी मौखिक टिप्पणियां की गईं, जिनसे उन्हें लगा कि फैसला पहले से तय दिशा में जा रहा था। याचिका में फैसले में चंद्रशेखर के लिए इस्तेमाल किए गए कॉनमैन, सीजन्ड कॉनमैन और फ्रॉडस्टर जैसे शब्दों पर भी आपत्ति जताई गई है। संवाद