-बोर्ड के शार्ट वीडियो, इंटरेक्शन प्रोग्राम, पॉडकास्ट में दे सकेंगे आवाज
-कार्यक्रमों को सीबीएसई के यू-ट्यूब चैनल पर किया जाएगा अपलोड
-पढ़ाई के तनाव व कॅरिअर गाइडेंस से जड़ी डिजिटस सामग्री तैयार कर रहा बोर्ड
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पॉडकॉस्ट, शॉर्ट वीडियो, इंटरेक्शन प्रोग्राम तैयार करने के इच्छुक स्कूली छात्र अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की आवाज बनेंगे। नौंवी से बारहवीं के छात्र बोर्ड के शार्ट वीडियो, इंटरेक्शन प्रोग्राम व पॉडकास्ट में अपनी आवाज दे सकते हैं। तैयार कार्यक्रमों को बोर्ड के यू-ट्यूब चैनल पर अपलोड किया जाएगा। बोर्ड ने स्कूलों को ऐसे छात्रों का नामांकन करने को कहा है जो इस मुहिम से जुड़ना चाहते हैं। छात्र अभिभावकों की सहमति से ही इन कार्यक्रमों में भागीदारी कर सकेंगे। यह पूरी तरह से वैकल्पिक है।
सीबीएसई की ओर से पढ़ाई और काउंसलिंग जैसे पढ़ाई का तनाव, कॅरिअर गाइडेंस से जुड़ी इन-हाउस पॉडकास्ट और डिजिटल सामग्री तैयार की जा रही है, जिन्हें यू-ट्यूब प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जा रहा है। अब बोर्ड ने इन कार्यक्रमों को छात्र केंद्रित बनाने की योजना तैयार की है। इसके तहत इच्छुक छात्र शॉर्ट वीडियो, ऑडियो प्रोग्राम, पॉडकॉस्ट और बातचीत वाले प्रोग्राम में आवाज शामिल कर सकते हैं। इस संबंध में सीबीएसई सचिव हिमांशु गुप्ता की ओर से बोर्ड से संबद्ध स्कूल प्राचार्यों को एक परिपत्र जारी किया गया है। इसमें स्कूलों से अनुरोध किया गया है कि वे ऐसे छात्रों (नौवीं व बारहवीं) को नामांकित करें जो स्पष्टवादी, आत्मविश्वासी हो।
इसके साथ ही सीबीएसई की सोशल मीडिया सामग्री, पॉडकास्ट में भाग लेने में रुचि रखते हों। यह भागीदारी पूरी तरह से स्वैच्छिक है। इनमें भाग लेने के लिए माता-पिता की लिखित सहमति जरूरी है। बोर्ड ने स्कूलों को कहा है कि इस परिपत्र के जारी होने के दस दिनों के भीतर स्कूल नामांकित छात्रों के नाम संक्षिप्त विवरण गूगल फॉर्म https://forms.gle/oJbJaYPaYBb7ifjN9पर सीबीएसई को भेजेंगे।
बोर्ड ने दोहराया है कि अवसर वैकल्पिक है। इसका उद्देश्य छात्रों को अपनी बात कहने और सीबीएसई के आउटरीच प्रयासों में योगदान देने के लिए एक समृद्ध मंच प्रदान करना है।