जेएनयू कैंपस के हॉस्टल में वैदिक रिवाज से जन्मदिन मनाने के दौरान वार्डन द्वारा छात्रा का हाथ पकड़ने के मामले में जीएस कैश कमेटी के फैसले को एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने बदल दिया है।
कमेटी के फैसले के चलते छात्रा को बर्खास्त कर दिया था, लेकिन अब काउंसिल ने अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए कमेटी के फैसले को बदल दिया है। वहीं, अर्थशास्त्र की विभागाध्यक्ष द्वारा जातिसूचक शब्द का प्रयोग करने के मामले के लिए जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है।
विश्वविद्यालय में मंगलवार को एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक आयोजित हुई। काउंसिल ने हिमानी को दोबारा विश्वविद्यालय में पढ़ाने करने की अनुमति का प्रस्ताव पास कर दिया है। वहीं, इकोनोमिक्स में पीएचडी की छात्रा जयति घोष पर जातिसूचक शब्द का प्रयोग करने के मामले के लिए काउंसिल ने कमेटी गठित की है।