उत्तर भारत के नामी गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मकोका का केस दर्ज कर लिया है। चूंकि सुशील के जठेड़ी से गहरे रिश्तों का पता चला है तो क्या पुलिस सुशील कुमार पर भी मकोका के तहत कार्रवाई करेगी। पुलिस अधिकारी इस पर फिलहाल कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। हत्या, रंगदारी, हत्या का प्रयास, अपहरण के दर्जनों मामलों का आरोपी काला जठेड़ी पिछले साल फरवरी में गुरुग्राम पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गया था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी नेपाल के रास्ते पहले बैंकाक और अब दुबई में मौजूद है। उसके गैंग में 100 से अधिक बदमाश हैं। जठेड़ी उत्तर भारत में अपना बड़ा नेटवर्क खड़ा करना चाहता है। इसके लिए उसने जेल में बंद अपने करीबी कुलदीप उर्फ फज्जा को मार्च माह में जीटीबी अस्पताल से रिहा करवा लिया था। लेकिन स्पेशल सेल ने 72 घंटे में ही फज्जा को रोहिणी में मुठभेड़ के बाद ढेर दिया था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जठेड़ी की सुशील से बहुत नजदीकियां थी। सुशील और जठेड़ी को हरियाणा में कई शादियों में एक साथ देखा गया था। सुशील का हरियाणा में लोकल नेटवर्क बहुत अच्छा है। इसके अलावा उसके नेताओं से भी ठीक-ठाक संबंध है। जठेड़ी सुशील की मदद से हरियाणा और राजस्थान में टोल पर अपना कब्जा चाहता था।
दूसरी ओर जठेड़ी ने अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई, जितेंद्र गोगी और काला राणा हाथ मिला लिया। सुशील की जब जठेड़ी से खटपट हुई तो उसने फौरन जठेड़ी के विरोधी नीरज बवानिया और नवीन बाली से हाथ मिला लिया। सुशील के बुलाने पर ही चार मई को नीरज बवानिया के गुर्गे मॉडल टाउन पहुंचे थे। इन लोगों ने सागर, सोनू और अमित को डंडों, लाठी, बेस बॉल के बैट के अलावा हाकियों से पीटा था। सोनू व अमित ने तो गोलियां चलाने की बात भी पुलिस को बताई है। पुलिस लगातार मौके पर गोली चलने की बात से इनकार करती रही है।