कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने पत्र में कहा कि वह और देश के करोड़ों लोग अमनीत पी. कुमार के साथ न्याय की इस राह में खड़े हैं। पूरन कुमार 2001 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी थे, जिन्होंने कथित रूप से मंगलवार को चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मार ली थी। उनकी पत्नी अमनीत पी. कुमार हरियाणा सरकार में आयुक्त और सचिव पद पर कार्यरत हैं।
सोनिया गांधी ने पत्र में लिखा, आपके पति और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी श्री वाई. पूरन कुमार की दुखद मृत्यु की खबर अत्यंत चौंकाने वाली और गहरी पीड़ा देने वाली है। इस कठिन समय में मैं आपको और आपके पूरे परिवार को अपनी संवेदनाएं प्रेषित करती हूं। उन्होंने आगे कहा, श्री वाई. पूरन कुमार का जाना हमें यह याद दिलाता है कि आज भी सत्ता में बैठे लोगों का पूर्वाग्रहपूर्ण और पक्षपात भरा रवैया, वरिष्ठतम अधिकारियों को भी सामाजिक न्याय से वंचित कर देता है। मैं और देश के करोड़ों लोग न्याय की इस राह में आपके साथ हैं। सोनिया गांधी ने पत्र के अंत में लिखा, ईश्वर आपको इस कठिन परिस्थिति में धैर्य, साहस और शक्ति प्रदान करे।
इस बीच, चंडीगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को इस कथित आत्महत्या मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। हालांकि, कुमार के परिवार ने अब तक पोस्टमॉर्टम की अनुमति नहीं दी है। उनकी पत्नी ने एफआईआर में दर्ज अधूरी जानकारी पर सवाल उठाया है। पूरन कुमार हाल ही में रोहतक के सुनारिया स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (PTC) में पुलिस महानिरीक्षक (IG) के रूप में तैनात थे। उन्होंने अपने पीछे आठ पन्नों का एक कथित अंतिम नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम लिए हैं, जिनमें हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया शामिल हैं। इस नोट में उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में झेली गई मानसिक प्रताड़ना और अपमान का विवरण लिखा है।