नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज सीजेपी (CJP) का संसद मार्च प्रस्तावित है। इसे लेकर जंतर-मंतर से संसद तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं।
नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज सीजेपी (CJP) का संसद मार्च प्रस्तावित है। इसे लेकर जंतर-मंतर से संसद तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं।
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शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों के आज प्रस्तावित संसद मार्च को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आज संसद का सत्र शुरू हो रहा है, इसलिए दिल्ली पुलिस ने मार्च की अनुमति नहीं दी है। जंतर-मंतर के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है।
#WATCH | Delhi: Security deployed outside Jantar Mantar in Delhi ahead of reports of a proposed march to Parliament by CJP, today, 20th July. pic.twitter.com/2h5ND6NBZ3
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'मैं 20 जुलाई को अपना अनशन समाप्त कर दूंगा। इसके साथ ही उन्होंने तीन शर्तें भी रखीं। उन्होंने कहा कि सरकार हालिया शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं और पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे, या फिर मैं और सीजेपी (CJP) का नेतृत्व संसद के दरवाजे तक पहुंचें, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और नेता हमें यह भरोसा दें कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।'
Activist Sonam Wangchuk tweets, "... I will end my fast on 20th July if:
a. If the govt takes accountability of the recent failures in Education system, Paper leaks etc or
b. If I and the leadership of CJP reach the doorsteps of Parliament where MPs and leaders of various… pic.twitter.com/XBAgvbkvkw
उन्होंने आगे लिखा कि 'यदि मेरी सेहत या अन्य कारणों से ऐसा संभव नहीं हो पाता है, तो विभिन्न दलों के सांसद और नेता इस अस्पताल में आकर मुझे यही आश्वासन दें। यह संदेश मैं सफदरजंग अस्पताल में अवैध हिरासत से दे रहा हूं, जहां मेरी आवाजाही, अभिव्यक्ति और संवाद की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया है।'
दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी
आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र और इस भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से लेकर संसद भवन के आसपास सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। नई दिल्ली जिले में धारा 163 बीएनएस (पुरानी धारा 144) लागू है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि बिना पूर्व अनुमति के जंतर-मंतर से बाहर किसी भी प्रकार का मार्च या प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ धारा 223 बीएनएस के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।