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दिल्ली: अब तक 32 फीसदी को लगा टीका, सिर्फ सात प्रतिशत को दोनों डोज, पूर्ण टीकाकरण में लगेगा सालभर से अधिक समय

Sat, 19 Jun 2021 10:13 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

पहली और दूसरी खुराक लेने वालों में सबसे अधिक संख्या 45 से अधिक आयुवर्ग के लोगों की है। इसके बाद  युवाओं और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों का नंबर है। वैक्सीनेशन की सुस्त रफ्तार के कारण पांच महीने में 40 फीसदी आबादी का भी टीकाकरण नहीं हो सका है।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी में कोरोना टीकाकरण के पांच महीने पूरे हो चुके हैं। अभी तक दिल्ली की कुल आबादी में से 32 प्रतिशत यानी, 63 लाख लोगों को ही वैक्सीन लगी है। जबकि, सिर्फ 7 फीसदी आबादी को ही टीके कि दोनों खुराकें लगी है। यहां 45 वर्ष से अधिक उम्र वालों में टीकाकरण युवाओं की तुलना में ज्यादा है। हालांकि, 45 से अधिक आयुवर्ग के लोगों का भी पूर्ण टीकाकरण नहीं हुआ है। 

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अनुमान है कि वैक्सीन लगवाने लायक पूरी आबादी का टीकाकरण होने में यह पूरा साल लग सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरी लहर के खतरे को कम करने के लिए 60 से 80 फीसदी आबादी का वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है। राजधानी में 16 जनवरी को कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था। करीब 154 दिन पूरे होने के बाद अभी तक कुल 63,48,920 लोगों को वैक्सीन लगी है। इनमें 48,12,746 को पहली और 15,36,174 को दूसरी खुराक लगी है। 

पहली और दूसरी खुराक लेने वालों में सबसे अधिक संख्या 45 से अधिक आयुवर्ग के लोगों की है। इसके बाद  युवाओं और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों का नंबर है। वैक्सीनेशन की सुस्त रफ्तार के कारण पांच महीने में 40 फीसदी आबादी का भी टीकाकरण नहीं हो सका है। वैक्सीनेशन की धीमी रफ्तार का एक बड़ा कारण पर्याप्त संख्या में टीके उपलब्ध होना भी रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक तीसरी लहर के खतरे को कम करने के लिए कम से कम 60 से 80 फीसदी आबादी को वैक्सीन लगनी जरूरी है, जो कि एक बड़ी चुनौती है।
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वरिष्ठ डॉक्टर अक्षय बुद्धराजा बताते हैं कि हर्ड इम्युनिटी के लिए कम से कम 80 फीसदी आबादी का टीकाकरण होना जरूरी है। जब तक इतने लोगों को वैक्सीन नहीं लग जाती है, तबतक काफी सावधान रहने की जरूरत है। तीसरी लहर तो आएगी ही, लेकिन इसके प्रभाव को कम करना आम लोगों और प्रशासन के हाथों में है। यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि प्रशासन कोरोना प्रोटोकॉल और भीड़ को रोकने के मामले में कैसे कार्य करता है। इसलिए यह जरूरी हो गया है कि लोग अब बिलकुल भी लापरवाही न बरतें। अप्रैल के हालातों से सबक सीखते हुए अपना और परिवार का ख्याल रखें।

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कृष्ण राजभर का कहना है कि अगली लहर की चुनौतियों से निपटने के लिए सभी इंतजाम करने होगें। टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के साथ-साथ लगातार विभिन्न स्थानों पर कोविड के नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। डॉ. के मुताबिक, दिल्ली में छह माह में अभी 40 फीसदी लोगों को भी पहली खुराक नहीं लग सकी है। ऐसे में अगले एक से दो महीने में 80 फीसदी टीकाकरण के लक्ष्य तक पहुंचना एक चुनौती है। इसलिए जरूरी है कि लोग अब बिना वजह बाहर जाना छोड़ दे और कोविड को गंभीरता से लें। अब लापरवाही बरती तो भयानक परिणाम हो सकते हैं।

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टीकाकरण के आंकड़े
अबतक कुल 63,48,920 लोगों को लगी है वैक्सीन
पहली खुराक लेने वाले- 48,12,746
स्वास्थकर्मचारी- 2,51,435
अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारी- 4,32,618
45 से अधिक उम्र वाले- 26,40,635
18 से 44 आयुवर्ग के- 14,88,058
दूसरी खुराक लेने वाले- 15,36,174
स्वास्थकर्मचारी- 1,84,531
अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारी- 2,67,039
45 से अधिक उम्र वाले- 9,56,044
18 से 44 आयुवर्ग के- 1,28,560

दिल्ली में कुल टीकाकरण केंद्र- 740
प्रतिदिन टीका लगाने की क्षमता- 1,06,210

नोट-आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं और 18 जून तक के हैं
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