दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजधानी व पश्चिमी यूपी में 1000 से ज्यादा अवैध हथियार सप्लाई करने वाले तस्कर को दबोचा है। आरोपी मेरठ निवासी अब्दुल सलाम (40) छह वर्षों से हथियारों की तस्करी कर रहा था। वह रिफाइंड ऑयल के टिन और बैट्री में अवैध हथियार छिपाकर तस्करी करता था। आरोपी के पास से 20 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, 40 मैगजीन व 50 कारतूस बरामद हुए हैं। दिल्ली पुलिस अब अवैध हथियारों की तस्करी करने वालों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की संशोधित धारा लगाने लगी है।
स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुशवाह के अनुसार एसीपी अत्तर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर शिव कुमार व कर्मवीर सिंह की टीम ने किठौर मेरठ निवासी अब्दुल सलाम को आईएसबीटी सराय काले खां से बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस उस पर तीन महीने से नजर रख रखी रही थी। इसके हाथ में रिफाइंड ऑयल का 15 किलो का टिन था। टिन में से पन्नी में लपेटकर रखे गए अवैध हथियार बरामद किए गए। अब्दुल के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, चोट पहुंचाने और अवैध हथियार सप्लाई करने के 10 मामले दर्ज हैं।
वह शुरू में मेरठ के अवैध हथियार तस्कर के लिए तस्करी करता था। बाद में खुद का नेटवर्क बना लिया था। किठौर में हत्या के एक केस में कोर्ट ने अब्दुल को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि तीन वर्ष बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसे बरी कर दिया था।
अवैध हथियार तस्करी में अब 10 वर्ष से उम्रकैद तक की सजा
दिल्ली पुलिस अब अवैध हथियारों की तस्करी करने वालों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की संशोधित धारा-2019 लगाने लगी है। संशोधित धारा में कम से कम 10 वर्ष व अधिक से अधिक उम्रकैद की सजा का प्रावधान है। पहले आर्म्स एक्ट के तहत 3 से 5 वर्ष तक की सजा होती थी। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संशोधित धारा लगाने से अवैध हथियारों की तस्करी में कमी आएगी।
10 हजार में पिस्टल खरीदकर 25 हजार में बेचता था
आरोपी सेंधवा, मध्यप्रदेश से हथियार लाता था। वह 10 से 12 हजार रुपये में एक पिस्टल खरीदता था। जिसे दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ और मुजफ्फरनगर के बदमाशों को 25 से 30 हजार रुपये में बेचता था।