नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर पर छाया स्मॉग का खतरा छंटता नजर नहीं आ रहा है। लगातार पांचवें दिन सोमवार को एनसीआर के सभी शहरों में हवा गंभीर श्रेणी में रही। दिल्ली समेत करीब 50 हजार वर्ग किमी में फैले एनसीआर में स्मॅाग की घनी चादर छाई रही। इससे दृश्यता 600 मीटर तक गिर गई और वाहनों को दिन में भी हैडलाइट जला कर चलना पड़ा। देश का सबसे प्रदूषित शहर हरियाणा के रेवाड़ी जिले का धारूहेड़ा रहा, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 491 तक पहुंच गया। वहीं, दिल्ली व इससे सटे सभी शहरों का एक्यूआई 470 से ऊपर रहा। गुरुग्राम का मानेसर 483 एक्यूआई के साथ देश में दूसरा और एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर रहा। इसके बाद गुरुग्राम व गाजियाबाद 482 एक्यूआई के साथ एनसीआर के प्रदूषित शहरों में दूसरे स्थान पर रहे। राजधानी में एक्यूआई 477 दर्ज किया गया। सफर का पूर्वानुमान है कि दिवाली तक दिल्ली-एनसीआर को प्रदूषण से निजात नहीं मिलेगी। अगर पराली जलाने के मामले तेजी से कम होते हैं तब भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर मेें ही रहेगी।
सीपीसीबी की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मेरठ से लेकर हरियाणा के जींद तक फैला पूरा एनसीआर इस वक्त गंभीर स्तर के प्रदूषण की गिरफ्त में है। करीब 50 हजार वर्ग किमी में फैले एनसीआर के ज्यादातर शहरों की हवा जहरीली हो गई हैं। वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से ऊपर है। सफर का आकलन है कि दिल्ली-एनसीआर की सतह पर चलने वाली हवाएं फिलहाल शांत पड़ी हैं। वहीं, तापमान भी सामान्य से नीचे है। इससे प्रदूषक दूर-दूर तक फैल नहीं पा रहे हैं। दूसरी तरफ पराली का धुंआ भी अपना असर दिखा रहा है। सोमवार को दिल्ली के प्रदूषण में इसका हिस्सा 38 फीसदी रहा। दोनों का मिला-जुला असर हवा की गुणवत्ता पर पड़ा है। सफर का पूर्वानुमान है कि मौसमी दशाओं में दिवाली से पहले ज्यादा सुधार आने की उम्मीद नहीं है। इससे प्रदूषण छंटने के आसार भी नहीं दिख रहे।
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पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ पर्यावरण मंत्री की बैठक
गोपाल राय ने सोमवार को पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने धूल के प्रदूषण को कम करने के लिए सड़क पर हो रहे पानी के छिड़काव का निरीक्षण भी किया। वह आउटर रिंग रोड पर गए और पानी के छिड़काव की प्रक्रिया को देखा। गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली के अंदर सड़कों के किनारे खासकर धूल के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया है। पूरी दिल्ली में पेड़ों पर और जगह-जगह पानी का छिड़काव किया जाएगा। टैंकर से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने मुझे जो रिपोर्ट दी है, उसके मुताबिक दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में पानी के छिड़काव के लिए 150 टैंकर लगाए गए हैं।
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मानक से छह गुना ज्यादा है धूल के महीन कण
दिल्ली-एनसीआर के गंभीर स्तर पर पहुंचे प्रदूषण की बड़ी वजह धूल के महीने कण पीएम 10 व पीएम 2.5 हैं। सफर के अनुसार सोमवार शाम दिल्ली में पीएम10 का स्तर मानक 100 से बढ़कर 573 पर पहुंच गया। वहीं, पीएम 2.5 का स्तर मानक 60 से बढ़कर 384 पर चला गया। विशेषज्ञों का मानना है कि पराली के धुएं से पीएम 2.5 का स्तर बढ़ा है। वहीं, स्थानीय स्तर पर सड़कों व निर्माण स्थलों से उड़ती धूल पीएम10 का स्तर बढ़ा रही है।
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दिल्ली में आज प्रदषण के 8 हॉट स्पॉट रहेंगे, एनसीआर में गुरुग्राम व साहिबाबाद
सफर का पूर्वानुमान है कि मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर के दस इलाकों में हवा की स्थिति बदतर रहेगी। इसमें दिल्ली के आठ व एनसीआर में दो इलाके हैं। दिल्ली के जिन इलाकों में प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा रहेगा, उसमें बवाना, जहांगीरपुरी, विवेक विहार, पीरागढ़ी, द्वारका, आश्रम रोड आईआईटी दिल्ली व नरेला हैं। वहीं, एनसीआर के दो इलाके साहिबाबाद व गुरुग्राम को भी इस सूची में शामिल किया गया है।
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दिल्ली की मौसमी दशाएं
हवा की चाल: 3-4 किमी प्रति घंटा
दृश्यता: 600 मीटर
न्यूनतम तापमान: 10 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस कम)
नमी: 46-100 फीसदी
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एनसीआर के सबसे प्रदूषित शहर
मानेसर 483
गाजियाबाद 482
गुरुग्राम 482
ग्रेटर नोएडा 478
नोएडा 477
दिल्ली 477
फरीदाबाद 456
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देश के 10 सबसे प्रदूषित शहर
धारुहेड़ा 491
मानेसर 483
गाजियाबाद 482
गुरुग्राम 482
हिसार 480
भिवाड़ी 479
ग्रेटर नोएडा 478
नोएडा 477
दिल्ली 477
फतेहाबाद 474
(एक्यूआई, सीपीसीबी के मुताबिक शाम 4 बजे)