नई दिल्ली। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कोरोना की रैपिड एंटिजन जांच का समर्थन करते हुए कहा कि इस जांच में कोई समस्या नहीं है। इससे संक्रमण से प्रभावित मरीजों की जल्द पहचान हो जाती है और समय रहते उन्हें आइसोलेट कर दिया जाता है। कुछ दिन पहले दिल्ली उच्च न्यायलय ने सरकार से एंटिजन जांच की संख्या बढ़ाने पर सवाल किया था।
सिसोदिया ने कहा कि एंटिजन जांच में लोगों के निगेटिव परिणाम आने की दर उतनी ही है जितनी आरटी-पीसीआर जांच में होती है। उन्होंने कहा कि आरटी-पीसीआर जांच के नतीजे आने में दो से तीन दिन का समय लगता है। ऐसे में मरीज की पहचान होने में समय लग जाता है। वहीं, एंटिजन जांच में महज आधे घंटे में रिपोर्ट आ जाती है। इससे संक्रमित मरीज की पहचान जल्द होने उसे आइसोलेट कर दिया जाता है।
राजधानी में अधिकतर लोग इस समय एंटिजन जांच को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने पिछले एक महीने से एंटिजन जांच की संख्या बढ़ाई है। अब तकरीबन 80 फीसदी जांच इसी प्रणाली से हो रही है। जुलाई के अंत तक दिल्ली में 10 लाख से ज्यादा लोगों की जांच की जा चुकी थी। इसमें जुलाई महीने में ही पांच लाख जांच हुई थीं जिसमें करीब पौने चार लाख एंटिजन प्रणाली से की गई थी।