अदालत ने 1984 सिख विरोधी दंगा मामले में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश शर्मा समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या, दंगा करने, साक्ष्य मिटाने, डकैती, आपराधिक साजिश समेत अन्य कई धाराओं में आरोप तय किए हैं। अदालत ने मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी के आरोप पत्र के आधार पर यह आरोप तय किए हैं। मामला शाहदरा इलाके की छज्जूपुर कॉलोनी में एक परिवार के सात लोगों की हत्या से जुड़ा है।
कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगदीश कुमार ने एसआईटी के आरोप पत्र पर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश वशिष्ट उर्फ जगदीश प्रसाद शर्मा, वीरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, अशोक सिंह, विजय सिंह, कैलाश चंद जैन व कालीचरन के खिलाफ आरोप तय करते हुए मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है। इनके खिलाफ अभियोजन की गवाही कराने के लिए 29, 30 व 31 अगस्त की तारीख तय की गई है।
एसआईटी ने पीड़ित परिवार के सदस्य सरदूल सिंह की शिकायत पर जांच के बाद 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इनमें से रतन सिंह, ओम सिंह, घनवीर सिंह व ब्रह्म सिंह की पहले ही मौत हो चुकी है।
पेश मामला बाबरपुर की छज्जूपुर कॉलोनी में दो नवंबर 1984 को नाथा सिंह, उसकी पत्नी सुरजीत कौर, बेटे कश्मीर सिंह, बेटी विमल कौर, कमलजीत कौर, उर्मिल कौर, निर्मल कौर की हत्या से जुड़ा है। सरदूल सिंह ने आरएन मिश्रा जांच आयोग के समक्ष 19 सितंबर 1985 को हलफनामा देकर अपने पिता, मां, भाई व चार बहनों की हत्या का आरोप लगाया था।
इस आधार पर थाना शाहदरा में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। हालांकि पुलिस ने सरदूल सिंह को लापता बताते हुए जांच नहीं की और आरोप पत्र दाखिल किया और केस को अनट्रेस की श्रेणी में डालकर बंद कर दिया था।