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दिल्ली दंगा: शॉर्ट फिल्म निर्माता राहुल रॉय ने बना रखा था व्हाट्सएप ग्रुप

Tue, 15 Sep 2020 07:30 PM IST
नोएडा ब्यूरो पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
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राहुल राय - फोटो : अमर उजाला
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शॉर्ट फिल्म निर्माता राहुल राय की दिल्ली दंगों में भूमिका देखी जा रही है। दिल्ली दंगों से पहले फिल्म निर्माता ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था और इसमें दंगों के कई आरोपी जुड़े हुए थे। वह कई धरनास्थलों पर भी गए थे। वहीं, दंगों में एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के कई बड़े नेताओं व पूर्व सांसदों का नाम सामने आ सकता है। माना जा रहा है इनके नामों का खुलासा दंगों की साजिश के आरोप में गिरफ्तार लोगों ने किया है।

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स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शॉर्ट फिल्म निर्माता राहुल रॉय ने देहली प्रोटेस्ट सपोर्ट ग्रुप (डीपीएसजी) बना रखा था। इस ग्रुप में दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार हो चुके खालिद सैफी व जामिया कोर्डिनेशन कमेटी के कई लोग जुड़े हुए थे। खालिद सैफी यूनाइटेड अगेनस्ट हेट नामक संगठन चलाता है। इस संगठन का राजनीतिक कनेक्शन बताया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार डीपीएसजी ग्रुप जनवरी 2020 में ही बन गया था। इस ग्रुप का काम लोगों को कोर्डिनेट करना था। राहुल रॉय की पत्नी भी इससे जुड़ी हुई थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में ये बात सामने आई है कि राहुल रॉय कई धरना स्थलों पर गए थे। इस कारण दिल्ली दंगों की साजिश रचने में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। जामिया छात्रा गुलफिशा फातिमा ने पूछताछ में इन लोगों के नाम लिये थे।
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इस कारण स्पेशल सेल ने सोमवार को राहुल रॉय को पूछताछ के लिए बुलाया था। राहुल राय से 100 से ज्यादा सवाल पूछे गए। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने उनका मोबाइल जब्त कर लिया है। हालांकि किसी पुलिस अधिकारी ने इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दूसरी तरफ जांच में सामने आया है कि खालिद सैफी ने मेरठ से 25 हजार में पांच कट्टे मंगवाए थे। कांग्रेस की पूर्व निगम पार्षद ने इनके लिए पैसे दिए थे।

दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली दंगों में कई पूर्व सांसदों का नाम सामने आ सकता है। इन नेताओं के नाम गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताए हैं। हालांकि इनका नाम बतौर आरोपी नहीं है। बताया जा रहा है कि इन नेताओं ने धरना स्थलों पर जाकर भाषण दिए थे। अभी इन नेताओं के नामों का खुलासा नहीं किया गया है।

पूर्वी दिल्ली के गैंगस्टर अब्दुल नासिर की दिल्ली दंगों में भूमिका देखी जा रही है। दिल्ली दंगों के बाद नासिर पहली बार गिरफ्तार किया गया है। स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि अब्दुल नासिर बहुत बड़ा अवैध हथियार तस्कर रहा है। ऐसे में हो सकता है उसने दिल्ली दंगों के लिए हथियार सप्लाई किए हों। स्पेशल सेल की टीमों ने अब्दुल नासिर व अन्य आरोपियों के घरों पर छापेमारी की थी। अब्दुल नासिर व उसके तीन साथियों को योगेश की हत्या में सोमवार को गिरफ्तार किया गया है।

दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किए गए जेएनयू के पूर्व छात्र ने खुलासा किया है कि एक नेता ने धरनास्थलों पर तिरंगा चूड़ियां बंटवाई थीं। धरना स्थलों पर महिलाओं की भीड़ जुटाने व पुलिस को गुमराह करने के लिए ये चूड़ियां बांटी गई थीं। पूर्वी दिल्ली में अलग-अलग धरना स्थलों पर 100 दर्जन से ज्यादा चूड़ियां बांटी गई थीं। पिंजरा तोड़ की गिरफ्तार सदस्यों ने इस नेता के नाम का खुलासा किया है।

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