पत्नी-बेटे ने सुपारी देकर कराई थी सीनिटर ऑडिटर की हत्या
नई दिल्ली। जैतपुर क्षेत्र में सीनियर ऑडिटर आनंद सिंह (43) की हत्या उसकी पत्नी सुनीता देवी और बेटे ने सुपारी देकर कराई थी। पुलिस ने सुनीता और एक सुपारी किलर रिशभ उर्फ शिब्बू (20) को गिरफ्तार कर यह खुलासा किया है। आनंद सिंह के नाबालिग बेटे को भी पकड़ लिया गया है। सुनीता का कहना है कि आनंद उसके व बेटे के साथ मारपीट और गाली-गलौज करता था। उसकी शराब पीने की लत और इन हरकतों से वे परेशान हो गए थे।
दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी चिन्मय बिश्वाल के अनुसार, इंडियन ऑडिट्स एंड एकाउंट्स विभाग में सीनियर ऑडिटर आनंद सिंह की हत्या की सूचना 6 जुलाई को सुबह 4:50 बजे मिली थी। पोस्टमार्टम में पता चला कि उन पर पीछे से चाकू से छह वार किए गए थे और सिर पर लाठी मारी गई थी। जैतपुर थानाध्यक्ष आनंद स्वरूप, इंस्पेक्टर सतविंदर राणा, बदरपुर थानाध्यक्ष विजय पाल दहिया और पुल प्रह्लादपुर थानाध्यक्ष अजय प्रताप की टीम ने जांच के दौरान सुनीता देवी और उसके बेटे से बात की तो बयानों में विरोधाभास मिला। पत्नी ने कहा कि घर से करीब दो लाख रुपये गायब हैं, हालांकि वह पैैसे का स्रोत नहीं बता पाई। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया।
सुनीता ने बताया कि आनंद शराब पीने के बाद परिजनों से गाली-गलौज व मारपीट करता था। बड़ा बेटा 10वीं कक्षा में फेल हो गया था और नशा आदि भी करता था। इस पर आनंद सिंह ने बेटे को कई बार पीटा था। इससे मां-बेटे नाराज थे। उन्होेंने आनंद सिंह की हत्या की साजिश रची। सुनीता के खुलासे के बाद फरीदाबाद से रिशभ को गिरफ्तार कर लिया गया।
पड़ोसी विकास के जरिये दी सुपारी
मां-बेटे ने पड़ोस में रहने वाले विकास से संपर्क किया। विकास आनंद सिंह के बेटे का दोस्त है। इन्होंने आनंद सिंह की हत्या के लिए उसे 1.5 लाख रुपये देने की बात कही। विकास ने रिशभ उर्फ शिब्बू को शामिल कर लिया। वारदात वाले दिन सुनीता देवी व बेटे ने विकास व रिशभ को बुलाया। दोनों घर की छत पर छिप गए। वारदात वाले दिन आनंद सिंह शराब के नशे में 11:30 बजे घर आया और बिना डिनर किए सो गया। रात करीब ढाई बजे जब सब सो गए तो सुनीता व बेटा छत पर गए और विकास व रिशभ को इशारा किया। दोनों नीचे आए और रिशभ की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद दोनों घर से फरार हो गए। आनंद सिंह का मोबाइल सुनीता के कब्जे से बरामद कर लिया गया है। रिशभ की निशानदेही पर चाकू बरामद हो गया है। गली नंबर-8, दीपाली एंक्लेव, फरीदाबाद निवासी रिशभ व विकास पहले दोनों साथ रहते थे। रिशभ मूल रूप से कन्नौज, यूपी का रहने वाला है।