राजधानी में कोरोना संक्रमण के फैलाव का पता लगाने के लिए शनिवार से सीरो सर्वे का दूसरा चरण शुरू हो गया, जो 5 अगस्त तक चलेगा। इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि इस समय कितने फीसदी लोगों में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी बन चुकी है। इससे दिल्ली में कोरोना की स्थिति का विस्तारपूर्वक विश्लेषण किया जा सकेगा।
सर्वे कर रही टीम के डॉक्टर कुसुम अरोड़ा ने कहा कि सर्वे में पहले मॉडल टाउन इलाके से सैंपल लिए गए। इसमें 50 फीसदी नमूने 18 से 50 साल की उम्र के लोगों के लिए गए और बाकी 50 फीसदी नमूने सिर्फ 50 साल से अधिक आयु के लोगों के लिए गए। सभी जिलों से सैंपल लिए गए हैं।
कुल डाटा एकत्र किया जा रहा है, ताकि पता चल सके कि पहले दिन कुल कितने लोगों के सैंपल लिए गए। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इन पांच दिनों में 15,000 नमूने लिए जाएंगे।
सर्वे में उन्हीं नियमों का पालन किया जाएगा जो नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) की तरफ से तय किए गए हैं। सर्वे के परिणाम 15 अगस्त तक आने की संभावना है। जिन लोगों के सैंपल पहले सर्वे में लिए गए थे इस बार उनके नमूने नहीं लिए
जाएंगे।
ये लोग होंगे शामिल
सीरोलॉजी टेस्ट में उन लोगों को ही शामिल किया जा रहा है जिनमें कोई लक्षण नहीं हैं। इसमें अलग-अलग उम्र व इलाके के लोगों के ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं।
27 जून से 10 जुलाई तक चला था पहला सर्वे
पहला सर्वे 27 जून से 10 जुलाई के बीच चला था। इसमें राजधानी के करीब 23 प्रतिशत लोग कोविड-19 से प्रभावित मिले थे। यानी, एक चौथाई लोगों में एंटीबॉडी विकसित होने की बात सामने आई थी। इसका मतलब था कि वे संक्रमित हुए और ठीक हो गए। जिन लोगों के नमूने लिए गए थे उनमें से अधिकतर लोगों को नहीं पता था कि वे संक्रमित थे।
इसके बाद दिल्ली सरकार ने फैसला किया था कि लोगों में एंटीबॉडी के स्तर पता लगाने के लिए अब हर महीने सीरो सर्वे होगा। इससे पता चल सकेगा कि अब कितने फीसदी लोगों में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी बन रही है।