सराय रोहिल्ला रेलवे भूमि पार्सल के व्यावसायिक विकास की तैयारी शुरू हो गई है। यहां वित्तीय व मार्केटिंग कंसल्टेंट भविष्य में बाजार संभावनाओं और वित्तीय मॉडल पर परामर्श देंगे। रेलवे प्रशासन ने परियोजना को लेकर कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। इसे रेलवे के राजस्व में वृद्धि करने की अहम पहल भी माना जा रहा है। रेलवे की मौजूदा नीति के तहत अनुपयोगी या कम उपयोग वाली भूमि को व्यावसायिक रूप से विकसित कर बेहतर उपयोग में लाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य रेलवे के गैर-किराया राजस्व को बढ़ाना और शहरों के समग्र विकास में भी योगदान देना है। इसी को ध्यान में रखते हुए सराय रोहिल्ला रेलवे भूमि का व्यावसायिक विकास किया जाएगा। इसके लिए आरएलडीए ने प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।
दीर्घकालिक राजस्व के लिए तैयार होगा व्यावसायिक मॉडल
सराय रोहिल्ला रेलवे भूमि के पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा टिकाऊ और व्यावसायिक मॉडल तैयार करना है, जिससे रेलवे को दीर्घकालिक राजस्व प्राप्त हो सके। चयनित कंसल्टेंट भूमि के पुनर्विकास के लिए वित्तीय योजना तैयार करने, बाजार संभावनाओं का आकलन करने और परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पेशेवर सलाह देंगे। इसके अलावा बाजार की मौजूदा स्थिति का विश्लेषण किया जाएगा। फिर संभावित व्यावसायिक गतिविधियों को तलाशा जाएगा।
ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट को बढ़ावा देगी परियोजनाएं
इसके साथ ही वित्तीय मॉडलिंग, परियोजना की लागत-लाभ विश्लेषण, निवेश आकर्षित करने की रणनीति और संभावित जोखिमों का मूल्यांकन भी परामर्श के दायरे में शामिल होगा। पुनर्विकास से आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित होने के साथ यातायात सुविधाओं में सुधार और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। अधिकारियों का मानना है कि ये परियोजनाएं ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट को बढ़ावा देती हैं, जहां सार्वजनिक परिवहन के आसपास आवासीय और व्यावसायिक सुविधाएं विकसित की जाती हैं।
सिफारिशें मिलने के बाद तैयार होगी अंतिम रूपरेखा
प्रस्तावों की प्राप्ति और मूल्यांकन के बाद चयनित कंसल्टेंट को निर्धारित समयसीमा में अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें देनी होंगी। इसके आधार पर रेलवे पुनर्विकास की अंतिम रूपरेखा तैयार करेगा। हाल ही में रेलवे ने स्टेशन के पुनर्विकास के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए भी निविदा जारी की थी। इसमें तकनीकी-आर्थिक संभावना अध्ययन, मास्टर प्लानिंग, शहरी डिजाइन और इंजीनियरिंग शामिल हैं।
दिल्ली के अन्य स्टेशनों का भी हो रहा पुनर्विकास
यह परियोजना अमृत भारत स्टेशन योजना का भी हिस्सा है, जिसमें देशभर के एक हजार से अधिक स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। दिल्ली के कई स्टेशन भी योजना के तहत विकसित किए जा रहे हैं। इनमें सराय रोहिल्ला के अलावा नई दिल्ली, आनंद विहार, सब्जी मंडी सहित अन्य स्टेशन शामिल हैं। पुनर्विकास में यात्री सुविधाओं का आधुनिकीकरण, एकीकृत सार्वजनिक परिवहन हब का निर्माण और भूमि का बेहतर उपयोग प्रमुख फोकस क्षेत्र हैं।