कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में बेसहारों का सहारा बन रहे सामाजिक कार्यकर्ता सलमान प्रतापगढ़ी ने कहा कि बेसहारों का सहारा बनना इस्लाम का पहला फर्ज है, इस्लाम की पहली शिक्षा में ही गरीबों, बेसहारों का सहारा बनने का आदेश दिया गया है।
लॉकडाउन के पहले दिन से ही बंटवा रहे मास्क और राशन
सलमान ने बताया कि वह लॉकडाउन के पहले दिन से ही अपनी टीम के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में ग़रीबों और मजदूरों को राशन और मास्क पहुंचा रहे हैं। जहां से भी उनके पास फ़ोन या सोशल मीडिया के माध्यम से ज़रूरतमंदों की खबर आती है वो वहां पर मदद पहुंचाने का हर संभव प्रयास करते हैं।
मेरठ में फंसे झारखंड के 80 लोगों को पहुंचाया महीने भर का राशन
सलमान का कहना है कि ज़रूरतमंदों की मदद करना भी इस्लाम मे इबादत माना गया है और वो ये काम इबादत मानकर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कहीं से भी उनके पास किसी माध्यम से ख़बर आती है तो वो उसे वेरिफाई करके वहां राशन या ज़रुरत का सामान पहुंचवाने का प्रयास करते हैं। पिछले शनिवार को उनकी टीम ने उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में फंसे झारखंड के 80 लोगों को महीने भर का राशन और मास्क पहुँचाया जो लॉकडाउन की वजह से वहां पर मजबूरी में फंसे हुए थे।
जहां खुद की पहुंच नही वहां भाई से लेते हैं मदद
सलमान देश के मशहूर शायर और कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी के छोटे भाई हैं, सलमान ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से हमें कहीं किसी जरूरतमंद की ख़बर मिलती है तो हम वहां अपनी टीम के माध्यम से मदद पहुंचाने का प्रयास करते हैं और कहीं अगर हम या हमारी टीम के लोग नही पहुंच पाते तो वहां वो भाई के माध्यम से मदद पहुंचवाने की कोशिश करते हैं।