मुगलकालीन लाल किले में स्थित सलीमगढ़ किले का इतिहास आज भी पर्यटकों की पहुंच से दूर है। मुगल बादशाह हुमायूं को हराने के बाद शेर शाह सूरी के बेटे सलीम शाह सूरी ने 1546 ईस्वीं में सलीमगढ़ किले को स्थापित किया था। इस किले का इतिहास लाल किले से 93 साल पुराना है। इस किले के संरक्षण के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने योजना बनाई है। इसके तहत इसका कायाकल्प किया जाएगा और दर्शकों को बेहतर ढंग से जानकारी भी मिल सकेगी।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, लाल किले में दुनियाभर के दर्शक आते हैं। लालकिले के अंदर बाएं सिरे पर स्थित सलीमगढ़ किले का गुंबद आधा टूट चुका है। एएसआई सलीमगढ़ के किले को पहले जैसा बनाने के प्रयास करेगी। यह किला बेशक लाल किला परिसर में है, लेकिन इसका इतिहास उससे पुराना है। लाल किले में स्थित होने के बाद भी इसका रंग लाल नहीं है। इसकी दीवारों का रंग भूरी मिट्टी जैसा है।
शेरशाह सूरी ने 1540 ईस्वी में मुगल बादशाह हुमायूं को युद्ध में हराकर दिल्ली पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 1546 में शेरशाह सूरी के बेटे सलीम शाह सूरी ने सलीमगढ़ किले की स्थापना की। यह किला यमुना के किनारे पर बनाया गया था। इसके बाद 1555 तक दिल्ली में शेरशाह सूरी की हुकूमत रही। इसी बीच हुमायूं ने युद्ध में सिकंदर सूरी को पराजित करके दिल्ली पर फिर से कब्जा जमा लिया था।
1526 में बाबर ने दिल्ली पर पहली बार कब्जा किया था और उसके बाद 1555 में हुमायूं ने फिर से दिल्ली में मुगलिया हुकूमत को स्थापित किया था। इसके बाद मुगल बादशाह शाहजहां ने 1639 में लाल किले का निर्माण कराया। लाल किले की भव्यता के सामने सलीमगढ़ किले का इतिहास छिप गया। इसके बाद मुगल बादशाह ने सलीमगढ़ के किले को जेल में तब्दील कर दिया। इसके बाद 1857 में अंग्रेजों ने इस पर कब्जा कर लिया था।