डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उनकी तबियत को लेकर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। शुक्रवार को डॉक्टरों ने उनके परिजनों को प्लाज्मा थैरेपी के बारे में जानकारी देते हुए किसी ऐसे व्यक्ति की प्लाज्मा की मांग की जो कि पहले कोरोना की चपेट में आया हो और फिलहाल स्वस्थ्य होकर अपने घर लौट चुका हो। मैक्स अस्पताल पहले भी प्लाज्मा थैरेपी एक मरीज पर कर चुका है जिसके चलते मरीज वेंटिलेटर पर होने के बाद भी अगले कुछ दिन में ठीक होकर अपने घर लौट गया था।
कोरोना वायरस को लेकर डॉ. राजीव सूद शुरूआत से ही लोगों को बचाव की सलाह दे रहे हैं। वे लगातार कोरोना महामारी को लेकर जागरुकता से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा भी ले रहे थे। आरएमएल से मिली जानकारी के अनुसार एक मरीज के संपर्क में आने के बाद डॉ. सूद कोरोना संक्रमित हुए। हालांकि लक्षण न होने के चलते वे स्वयं ही होम आइसोलेशन में चले गए थे। बीते बुधवार को उनकी तबियत बिगडने के बाद मैक्स अस्पताल में भर्ती किया गया।
डॉ. राजीव सूद की बेटी डॉ. तानवी सूद मणिपाल अस्पताल में कैंसर विभाग की रेजीडेंट डॉक्टर हैं। पिता की तबियत गंभीर होने की सूचना मिलने के बाद दिल्ली पहुंची तानवी ने शुक्रवार को फेसबुक पर एक पोस्ट लिखते हुए अपने पिता की गंभीर हालत के बारे में जानकारी देते हुए प्लाज्मा डोनर की अपील की। हालांकि इसके ठीक आधे घंटे बाद अन्य अस्पतालों के डॉक्टर व मीडियाकर्मियों के जरिए उन तक मदद पहुंच गई। जिसके बाद तानवी ने फेसबुक पर आभार प्रकट करते हुए पहली पोस्ट को डिलीट कर दिया।