पूर्वी दिल्ली। युद्ध और सशस्त्र संघर्ष में पर्यावरण के शोषण की रोकथाम के अंतरराष्ट्रीय दिवस तथा धनतेरस के अवसर पर यमुना छठ घाट पर मां यमुना की भव्य आरती का आयोजन किया गया। नमामि गंगे-यमुना टास्क फोर्स और भारतीय सेना ने फ्रेंड्स ऑफ यमुना फाउंडेशन के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया। आरती में मातृशक्ति, युवाओं और भारतीय जवानों ने भाग लिया। इस दौरान मां यमुना की आरती कर स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषणमुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
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कार्यक्रम में यमुना टास्क फोर्स के रतन सिंह ने कहा कि जब भी दो देशों के बीच युद्ध होता है, तो उसका दुष्प्रभाव केवल संबंधित राष्ट्रों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी धरती, वायु, जल, वनस्पति और जीव-जंतुओं को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। युद्ध से पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित होता है और प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता है, इसलिए सभी राष्ट्रों को युद्ध से बचने और शांति का मार्ग अपनाने का प्रयास करना चाहिए। वहीं, यमुना बाबा अशोक उपाध्याय ने कहा कि नदियों को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। संवाद