दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में इलेक्ट्रॉनिक कचरा (ई वेस्ट)के उचित प्रबंधन के लिए अहम निर्णय लिए गए। दिल्ली-एनसीआर में इकट्ठा होने वाले टनों ई वेस्ट की रिसाइक्लिंग, और निस्तारण के लिए कार्य योजना तैयार कर, ई वेस्ट पार्क विकसित करने को कहा गया। ऐसे पार्क विकसित करने के लिए औद्योगिक इकाईयों से भी सहयोग लिया जाना चाहिए ताकि इलेक्ट्रॉनिक कचरे के दुष्प्रभावों से लोगों और पर्यावरण को बचाया जा सके।
बैठक में मुख्य सचिव, निगमों के आयुक्तों सहित आईआईआईटीडी के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।उप राज्यपाल ने ई वेस्ट के बेहतर प्रबंधन करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए इंसेटिव जबकि निस्तारण में लापरवाही बरतने वालों को रोकने के लिए उचित कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान एक्सटेंडेड प्रोड्यूशन रिस्पांसिबिलिटी(ईपीआर) के प्रावधान से भी इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट के उचित प्रबंधन में मदद मिलेगी।
एलजी ने बैठक में अधिकारियों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण मंत्रालय सहित संबंधित एजेंसियों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए ताकि ई वेस्ट प्रबंधन से संबंधित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
ई वेस्ट की होगी जियो ट्रैकिंग
ई वेस्ट की जियो ट्रैकिंग और पारंपरिक कबाड़ी वालों को भी एक संगठित करने पर जोर देते हुए अधिकारियों को इसके लिए खाका तैयार करने को कहा गया। इससे अलग अलग जगहों से इकट्ठा किए जाने वाले ई वेस्ट में मौजूद हानिकारक धातु या उपकरणों के मुताबिक निष्तारण संभव होगा। जियो ट्रैकिंग से ई वेस्ट को खुले वातावरण में बिखेरने से रोकने के साथ साथ उचित निष्तारण किया जाएगा। इससे इलेक्ट्रॉनिक कचरे के विपरीत प्रभावों को भी कम किया जा सकेगा।