राकेश टिकैत, वीएम सिंह समेत 9 किसान नेताओं पर रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ट्रैक्टर मार्च के दौरान मंगलवार को हुए बलवे में दिल्ली पुलिस ने नौ किसान नेताओं समेत भीड़ के खिलाफ गाजीपुर थाने में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। एक एफआईआर में राकेश टिकैत, अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह, जगतार सिंह बाजवा और तेजिंदर सिंह विर्क समेत कुल 9 नेताओं को बलवे के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। इनके खिलाफ बलवा करने, हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, ड्यूटी के दौरान हमले, आपराधिक षड्यंत्र रचने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, महामारी अधिनियम समेत कुल 16 धाराएं लगाई हैं। तीनों एफआईआर के अनुसार, बलवे के दौरान कुल 11 पुलिस कर्मियों को चोटें लगी हैं।
पहला मामला गाजीपुर थाने के एसआई संजीव कुमार की शिकायत पर दर्ज हुआ है। संजीव ने बयान में कहा कि 26 जनवरी को राकेश टिकैत, सरकार वीएम सिंह, भाकियू तराई क्षेत्र के अध्यक्ष तेजिंदर सिंह विर्क, उत्तराखंड में ऊधम सिंह नगर के जगतार सिंह बाजवा, भाकियू अंबावता ग्रुप के ऋषिपाल अंबावता, भाकियू अमरोहा के हरपाल सिंह, जाट महासभा बागपत के अध्यक्ष विनोद कुमार तोमर और बब्बन ग्रुप के अध्यक्ष वहां मौजूद थे। पुलिस ने किसानों के साथ बैठक कर तय किया था कि सीमित संख्या में किसान 12 बजे के बाद ही तय रूट से ट्रैक्टर मार्च शुरू करेंगे। किसान नेता पुलिस को उकसाकर बॉर्डर पार करने का प्रयास कर रहे थे। उस समय लोकल पुलिस के अलावा वहां अर्धसैनिक बलों के जवान भी मौजूद थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोपहर 12 बजे के बजाय किसानों ने अचानक 9 बजे ही मार्च शुरू कर दिया। अपने ट्रैक्टर से इन लोगों ने बॉर्डर पर लगे बैरिकेड को तोड़ डाला। लाउडस्पीकर से उद्घोषणा कर उनको समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने। तलवार, डंडे, लोहे की रॉड लिए किसानों ने पुलिस पर हमला भी किया। पुलिस वालों पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास भी किया। इसके बाद वे आगे बढ़ गए। इस दौरान पांच पुलिस कर्मी घायल हुए।
दूसरी एफआईआर एसआई प्रशांत चंदेला ने दर्ज कराई है। इस मामले में तीन जवान जख्मी बताए गए। गाजीपुर थाने में ही तीसरी एफआईआर कल्याणपुरी थाने के एटीओ इंस्पेक्टर राजीव रंजन की ओर से कराई गई। इसके अनुसार, गाजीपुर गोल चक्कर पर पुलिस पर हमला हुआ। इसमें इंस्पेक्टर और तीन जवान घायल हुए।